एंग्ज़ायटी ना कभी भी कहीं भी बिना बताये आ जाती है. अगर आपको भी एंग्ज़ायटी है और कई तरह की कोशिशों के बाद भी आपको इस से छुटकारा नहीं मिल रहा है तो ये रिसर्च आपकी मदद कर सकती है. फ्रंटियर्स इन साइकियाट्री नाम के एक जर्नल में छपी रिसर्च के अनुसार जो लोग रोज़ाना एक्सरसाइज़ करते हैं उनमें एंग्ज़ायटी के चांसेज़ दूसरे लोगों से कम हो सकते हैं.
ये नतीजे स्वीडन में 400,000 लोगों पर 21 साल तक हुई रिसर्च के बाद सामने आये हैं. इस स्टडी के दौरान टीम को महिलाओं और पुरुषों में एक्सरसाइज़ लेवल और एंग्ज़ायटी के खतरे में अंतर नज़र आया.
रिसर्चर्स ने पाया कि इस दौरान जो लोग फिज़िकली एक्टिव रहे या जिन्होंने एक्सरसाइज़ को अपने डेली रूटीन का हिस्सा बनाया उन लोगों में एंग्ज़ायटी का खतरा कम रहा वहीं जो लोग एक्सरसाइज़ नहीं कर रहे थे उनमें एंग्ज़ायटी के लक्षण देखे गए.
जिन लोगों ने फिज़िकली एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाई उन लोगों में एंग्ज़ायटी का खतरा 60 प्रतिशत तक कम देखा गया. तो बस निकाल लीजिये अपने एक्टिव वियर और हो जाइये तैयार एक्सरसाइज़ करने के लिए.