हाइलाइट्स

  • बक़रीद (Bakrid) त्याग और कुर्बानी का त्योहार है
  • हजरत इब्राहिम की कुर्बानी की याद में मनायी जाती है बक़रीद
  • कुर्बानी के गोश्त को तीन हिस्सों में बांटा जाता है

लेटेस्ट खबर

Viral Video: 'जंग का मैदान' बनी नोएडा की गली, लोगों ने जमकर बरसाए लाठी-डंडे

Viral Video: 'जंग का मैदान' बनी नोएडा की गली, लोगों ने जमकर बरसाए लाठी-डंडे

PMO Declares Assets of Ministers: पीएम Modi के पास है कितनी संपत्ति? जानें कितना दान दिया?

PMO Declares Assets of Ministers: पीएम Modi के पास है कितनी संपत्ति? जानें कितना दान दिया?

Cyber Crime: सेक्सुअल हैरेसमेंट केस 6300%-साइबर क्राइम 400% बढ़े! कहां जा रहा 24 हजार करोड़

Cyber Crime: सेक्सुअल हैरेसमेंट केस 6300%-साइबर क्राइम 400% बढ़े! कहां जा रहा 24 हजार करोड़

Nitish Kumar: हर चुनाव से पहले पलट जाते हैं नीतीश कुमार, जानिए कब-कब पलटी मारी, लेकिन बने रहे CM

Nitish Kumar: हर चुनाव से पहले पलट जाते हैं नीतीश कुमार, जानिए कब-कब पलटी मारी, लेकिन बने रहे CM

Bihar Political Crisis: बदल जाएगा दिल्ली से बिहार तक का सियासी समीकरण, JDU-RJD गठबंधन के मायने समझिए

Bihar Political Crisis: बदल जाएगा दिल्ली से बिहार तक का सियासी समीकरण, JDU-RJD गठबंधन के मायने समझिए

Eid-Al-Adha/Bakrid 2022: क्या है बकरीद पर कुर्बानी का महत्व? जानिये इस्लाम में इसके नियम

ईद-उल-अज़हा (Eid Al Adha) को बक़रीद कहते हैं. ये मुसलमानों का दूसरा सबसे बड़ा त्यौहार है. इसे त्याग और कुर्बानी का त्यौहार भी कहते हैं. इसका मकसद गरीबों को अच्छा खाना खिलाना भी है. 

Bakrid 2022: ईद के बाद बकरीद मुसलमानों का दूसरा सबसे बड़ा त्यौहार है. बकरीद का असल नाम ईद-उल-अज़हा (Eid Al Adha) है. ये रमज़ान का पाक महीना खत्म होने के 70 दिन बाद मनायी जाती है. इस्लामिक कैलेंडर (Islamic Calendar) के अनुसार, बक़रीद का त्योहार 12वें महीने की 10 तारीख को मनाते हैं. इस बार ईद-उल-अज़हा 10 जुलाई को मनायी जाएगी.

ईद-उल-अज़हा यानि बक़रीद क्या है?

बक़रीद (Bakrid) त्याग और कुर्बानी का त्यौहार है, गरीबों का ध्यान रखने और पड़ोसियों की फिक्र करने का त्यौहार है. ये लोगों को सच्चाई की राह में अपना सब कुछ कुर्बान कर देने का संदेश देती है.

ये ईद हजरत इब्राहिम की कुर्बानी की याद में मनायी जाती है. इस्लामिक मान्यताओं के मुताबिक अल्लाह ने उनका इम्तेहान लेने के लिए उनसे कहा था कि वो अपनी सबसे प्यारी और अज़ीज़ चीज की कुर्बानी दें. इब्राहिम के लिए सबसे प्यारे और अज़ीज़ थे उनके बेटे इस्माइल.

अल्लाह के हुक्म को मानते हुए उन्होंने इस्माइल से ये बात बताई तो वो भी तैयार हो गए. लेकिन कुर्बानी के ऐन वक्त अल्लाह ने इस्माइल की जगह दुम्बा यानि भेड़ रख दिया.

यही नहीं ये भी कहा कि तुम्हारी ये कुर्बानी तब तक लोगों के लिए प्रेरणा होगी जब तक कि दुनिया रहेगी. तब से ही हर साल ईद उल अज़हा पर जानवर की कुर्बानी देना हर हैसियतमंद मुसलमान के लिए जरूरी होता है.

गरीबों के लिए अच्छा भोजन

ईद उल अज़हा (Eid Al Adha) यानि बक़रीद वाले दिन सबसे पहले ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा की जाती है. इसके बाद जानवर की कुर्बानी दी जाती है. कुर्बानी के गोश्त को तीन हिस्सों में बांटा जाता है. इसमें से एक हिस्सा गरीबों को जाता है, दूसरा हिस्सा पड़ोसियों और सगे संबंधियों को दिया जाता है, जबकि तीसरा हिस्सा परिवार के लिए रखा जाता है. इस त्यौहार को मनाने का मकसद है कि गरीबों को अच्छा खाना मिले.

इस्लाम में क़ुर्बानी के नियम

1. इस्लाम में कुर्बानी के कुछ नियम भी हैं, जिसका हर मुसलमान के लिए पालन करना जरूरी है.

2. कुर्बानी सिर्फ हलाल पैसों से ही की जा सकती है, यानि जो पैसे जायज़ तरीके से कमाए गए हों.

3. कुर्बानी बकरे, भेड़, ऊंट और भैंस की होती है.

4. कुर्बानी का जानवर बिल्कुल स्वस्थ होना चाहिए, कम उम्र यानि बच्चा नहीं होना चाहिए. जानवर बीमार या चोटिल नहीं होना चाहिए.

क्यों कहते हैं बक़रीद?

ईद उल अज़हा को बक़रीद सिर्फ भारत और पाकिस्तान में ही कहते हैं. दरअसल इस ईद में बकरों की कुर्बानी की वजह से धीरे धीरे लोगों ने इसे बकरे वाली ईद, बकरा ईद और बकरीद कहना शुरू कर दिया. हालांकि दुनियाभर में इसे ईद-उल-अज़हा ही कहा जाता है. कुरान में भी इसे ईद उल अज़हा ही कहा गया है.

ये भी देखें: इस्लाम के पांच पिलर्स, जिन पर टिकी है धर्म की बुनियाद

अप नेक्स्ट

Eid-Al-Adha/Bakrid 2022: क्या है बकरीद पर कुर्बानी का महत्व? जानिये इस्लाम में इसके नियम

Eid-Al-Adha/Bakrid 2022: क्या है बकरीद पर कुर्बानी का महत्व? जानिये इस्लाम में इसके नियम

Sawan Somvar Vrat 2022: जानिये सावन में सोमवार के व्रत का विशेष महत्त्व और तरीका

Sawan Somvar Vrat 2022: जानिये सावन में सोमवार के व्रत का विशेष महत्त्व और तरीका

Monsoon prediction: मानसून की सटीक भविष्यवाणी करता है मंदिर, साइंस भी नतमस्तक है इसके आगे

Monsoon prediction: मानसून की सटीक भविष्यवाणी करता है मंदिर, साइंस भी नतमस्तक है इसके आगे

Sawan 2022: सावन के महीने में ऐसे करें शिव का जलाभिषेक, दूर होंगी समस्याएं

Sawan 2022: सावन के महीने में ऐसे करें शिव का जलाभिषेक, दूर होंगी समस्याएं

Sawan 2022: क्या आप जानते हैं शिवलिंग और ज्योतिर्लिंग में अंतर? जानें पौराणिक कथा

Sawan 2022: क्या आप जानते हैं शिवलिंग और ज्योतिर्लिंग में अंतर? जानें पौराणिक कथा

Sawan 2022: गणेश और कार्तिकेय के अलावा जानें और कितनी हैं शिव की संतानें

Sawan 2022: गणेश और कार्तिकेय के अलावा जानें और कितनी हैं शिव की संतानें

और वीडियो

Sawan 2022: भगवान शिव को क्यों कहा जाता है 'नीलकंठ'?

Sawan 2022: भगवान शिव को क्यों कहा जाता है 'नीलकंठ'?

Amarnath से जुड़ी बड़ी खबर, यात्रा खत्म होने से पहले ही अंतर्ध्यान हुए बाबा बर्फानी!

Amarnath से जुड़ी बड़ी खबर, यात्रा खत्म होने से पहले ही अंतर्ध्यान हुए बाबा बर्फानी!

Sawan 2022: कब से शुरू हो रहा सावन का सोमवार? भगवान शिव होंगे प्रसन्न, नोट कर लें पूजा की विधि और मुहूर्त

Sawan 2022: कब से शुरू हो रहा सावन का सोमवार? भगवान शिव होंगे प्रसन्न, नोट कर लें पूजा की विधि और मुहूर्त

Jagannath Rath Yatra 2022: दुनियाभर में मशहूर है पुरी की जगन्नाथ रथयात्रा, जानिये इससे जुड़े रोचक तथ्य

Jagannath Rath Yatra 2022: दुनियाभर में मशहूर है पुरी की जगन्नाथ रथयात्रा, जानिये इससे जुड़े रोचक तथ्य

Amarnath Yatra 2022: 3 साल के बाद अमरनाथ यात्रा शुरू, घाटी में गूंज रहे भोलेनाथ के जयकारे

Amarnath Yatra 2022: 3 साल के बाद अमरनाथ यात्रा शुरू, घाटी में गूंज रहे भोलेनाथ के जयकारे

Gupt Navratri 2022: दुर्गा मां के भक्त गुप्त नवरात्रि की कर लें तैयारी, शुभ मुहूर्त में करें कलश स्थापना

Gupt Navratri 2022: दुर्गा मां के भक्त गुप्त नवरात्रि की कर लें तैयारी, शुभ मुहूर्त में करें कलश स्थापना

Ganga Dussehra 2022: हरिद्वार से लेकर प्रयागराज तक, गंगा दशहरा पर आस्था की डुबकी के लिए उमड़े श्रद्धालु

Ganga Dussehra 2022: हरिद्वार से लेकर प्रयागराज तक, गंगा दशहरा पर आस्था की डुबकी के लिए उमड़े श्रद्धालु

Vat Savitri Puja 2022: 30 मई को है सुहागिनों का व्रत वट सावित्री पूजा, जानिये क्यों होती है बरगद की पूजा

Vat Savitri Puja 2022: 30 मई को है सुहागिनों का व्रत वट सावित्री पूजा, जानिये क्यों होती है बरगद की पूजा

Akshaya Tritiya 2022: कब है अक्षय तृतीया? जानिये इस दिन सोना खरीदने का क्या है महत्व

Akshaya Tritiya 2022: कब है अक्षय तृतीया? जानिये इस दिन सोना खरीदने का क्या है महत्व

Guru Teg Bahadur Prakash Parv: क्या होता है प्रकाश पर्व? जानें सिखों के 9वें गुरू तेग बहादुर को

Guru Teg Bahadur Prakash Parv: क्या होता है प्रकाश पर्व? जानें सिखों के 9वें गुरू तेग बहादुर को

Editorji Technologies Pvt. Ltd. © 2022 All Rights Reserved.