हाइलाइट्स

  • झंडा फहराने के लिए इंडियन फ्लैग कोड बना है
  • तिरंगा हमेशा कॉटन, सिल्क या खादी के कपड़े से ही बना होना चाहिए
  • राष्ट्रीय झंडे पर कुछ भी लिखने या बनाने की मनाही है

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India@75: तिरंगा फहराने के हैं कुछ नियम, जानिये क्या कहता है इंडियन फ्लैग कोड

हाथ में तिरंगा थामे देश के हर नागरिक को मालूम होना चाहिए कि देश में 'फ्लैग कोड ऑफ इंडिया' नाम का एक कानून है, जिसमें तिरंगा को फहराने के नियम निर्धारित किए गए है, जिनका उल्लंघन करने पर सज़ा हो सकती है.

India@75: आजादी का जश्न मनाने के लिए झंडा फहराने की हर एक नागरिक को छूट है. हाथ में तिरंगा थामे देश के हर नागरिक को मालूम होना चाहिए कि देश में 'फ्लैग कोड ऑफ इंडिया' नाम का एक कानून है, जिसमें तिरंगा को फहराने के लिए नियम निर्धारित किए गए हैं. जिसके तहत कानून का उल्लंघन करने या राष्ट्रीय झंडे का अनादर करना दंडनीय अपराध है और इसके लिए आपको जेल भी हो सकती है.

यह भी देखें: India@75: तिरंगा पहनने से पहले जान लें इसके नियम, वरना पड़ सकते हैं मुसीबत में

क्या कहता है इंडियन फ्लैग कोड?

चलिये जानते हैं कि झंडा फहराने के लिए क्या कहता है इंडियन फ्लैग कोड?

1. तिरंगा हमेशा कॉटन, सिल्क या खादी के कपड़े से ही बना होना चाहिए. प्लास्टिक का झंडा बनाने की मनाही है.

2. फ्लैग कोड के मुताबिक, तिरंगा हमेशा रेक्टेंगल शेप का होना चाहिए जिसका रेशियो 3:2 में होना चाहिए, वहीं, जबकि अशोक चक्र में 24 तिल्लियां जरूर होनी चाहिए.

3. इंडियन फ्लैग कोड के मुताबिक, राष्ट्रीय झंडे पर कुछ भी लिखने या बनाने की मनाही है.

4. कानून के हिसाब से ज़मीन पर तिरंगा कभी भी नहीं छूना चाहिए, ये झंडे का अपमान है.

5. कानून के मुताबिक कमर से नीचे आप झंडे को नहीं पहन सकते, और ना ही तिरंगे को किसी भी तरह के यूनिफॉर्म या सजावट के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं, ऐसा करना झंडे का अपमान है.

6. किसी भी दूसरे झंडे को राष्ट्रीय झंडे से ऊंचा या ऊपर नहीं लगा सकते और न ही बराबर रख सकते हैं.

7. किसी भी स्थिति में झंडा कटा, फटा, गंदा यानि क्षतिग्रस्त नहीं फहराना चाहिए.

8. अगर तिरंगा फट जाए या फिर गंदा हो जाए तो उसको किसी एकांत जगह पर नष्ट कर देना चाहिए.

9. झंडा किसी अधिकारी की गाड़ी पर लगाया जाए तो उसे सामने की ओर बीचोंबीच या कार के दाईं ओर लगाया जाए.

10. झंडे को सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक फहराना चाहिए जिसके बाद सम्मान पूर्वक उतार देना चाहिए, विशेष परिस्थिति में रात तक फहराने की अनुमति है. तिरंगे को रात में फहराने की अनुमति साल 2009 में दी गई.

11. झंडा सिर्फ और सिर्फ किसी राष्ट्रीय शोक पर ही आधा झुका हुआ रहता है.

12. देश के लिए जान देने वाले शहीदों और देश की महान शख्सियतों को तिरंगे में लपेटा जाता है. इस दौरान केसरिया पट्टी सिर की तरफ और हरी पट्टी पैरों की तरफ होनी चाहिए.

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी ने कहा था
“ झंडा किसी भी राष्ट्र की अहम जरूरत है, लाखों ने इसके लिए कुर्बानियां दी हैं. झंडा एक सोच है, जिसकी ताकत मापना मुश्किल है. एक देश का ध्वज उस देश के लिए उसकी पहचान का प्रतीक होता है और इसलिए हर भारतवासी फिर चाहे वो हिंदू, मुसलमान, सिक्ख, जैन हो, पारसी हो या कोई और भारत के ध्वज से भारत के अस्तित्व को पहचानें और उसे अपनाकर उसके लिए गर्व से जीएं और मरें"
- महात्मा गांधी

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