मराठा आरक्षण पर राज्य सरकार को बड़ा झटका देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इसे रद्द कर दिया. मराठा आरक्षण को खारिज किए जाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने मराठा समाज के स्वाभिमान की रक्षा के लिए आरक्षण का फैसला किया था. अब न्यायालय का कहना है कि महाराष्ट्र इस पर कानून नहीं बना सकता है, केवल प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति बना सकते हैं. वहीं अब उद्धव ठाकरे ने इस मामले में पीएम मोदी से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा- “हम पीएम मोदी से यह अनुरोध करते हैं कि वे इस मामले में दखल देकर कानून बना मराठाओं को आरक्षण दें. उद्धव ने आगे कहा कि मराठा समुदाय को इंसाफ दिलाने के लिए लड़ाई लड़ते रहेंगे जब तक कि उन्हें यह नहीं मिल जाता.