NCRB यानी राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (National Crime Records Bureau) के ताजा आंकड़े चौंकाने वाले हैं. जिसके मुताबिक कोरोना काल के दौरान लगी लंबी पाबंदियों के बावजूद पूरे देश में दंगों की दर लगभग दोगुनी हो गई. दंगों की संख्या (number of riots) में करीब 96% की बढ़ोतरी हुई है. इतना ही नहीं इसी दौरान पूरे देश में प्रतिदिन रेप के औसतन 77 मामले दर्ज किए गए. गौर करने वाली बात ये है कि बीते साल 25 मार्च से मई तक देशभर में कंप्लीट लॉकडाउन (complete lockdown) और पूरे साल पाबंदियां लगी थी...तब भी ऐसे आंकड़े दर्ज किए गए हैं.
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ताजा आंकड़ों के मुताबिक साल 2020 में देशभर में 857 दंगों के मामले दर्ज किए गए जिसमें से सबसे ज्यादा दिल्ली में हैं. फरवरी में नार्थ-ईस्ट दिल्ली में भड़के दंगों की वजह से अकेले दिल्ली में 520 केस दर्ज हुए हैं. जातिगत दंगों के मामले में बिहार सबसे आगे है उसके बाद महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश (Maharashtra and Uttar Pradesh) का नंबर है.
NCRB के आंकड़ों में सबसे चिंताजनक आंकड़ा महिलाओं के खिलाफ बढ़ता अफराध है. जिसके मुताबिक, पिछले साल पूरे देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 3,71,503 मामले दर्ज हुए, जिसमें रेप के कुल 28,046 मामले हैं. इन रेप पीड़ितों में से 25,498 वयस्क और 2,655 नाबालिग हैं.
वहीं रेप के सबसे ज्यादा 5,310 मामले राजस्थान में और उसके बाद उत्तर प्रदेश में 2,339 मामले दर्ज किए गए. जबकि इस तरह की वारदातों के मामले में तीसरे नंबर पर मध्य प्रदेश, चौथे पर महाराष्ट्र और पांचवे नंबर पर असम का नाम है. राजधानी दिल्ली में 2020 में रेप के 997 मामले दर्ज किए गए हैं.
साल 2020 में दंगों के मामले में 96% की बढ़ोतरी
देशभर में 857 दंगों के मामले दर्ज, सबसे ज्यादा दिल्ली में
दिल्ली में 520 केस दर्ज, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश दूसरे नंबर पर
देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 3,71,503 मामले
इनमें रेप के कुल 28,046 केस, औसतन 77 मामले रोज
राजस्थान में रेप के सबसे ज्यादा 5,310 मामले
दूसरे नबंर पर उत्तर प्रदेश में 2,339 रेप केस दर्ज
MP तीसरे नंबर पर, चौथे पर महाराष्ट्र और 5वें पर असम का नाम