हाइलाइट्स

  • साल 1970 में सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए थे राष्ट्रपति गिरि
  • राष्ट्रपति चुनाव में गड़बड़ी के मामले में हुए पेश
  • देश के पहले और अंतिम निर्दलीय राष्ट्रपति थे गिरि

लेटेस्ट खबर

Ankita Murder Case Update: भारी सुरक्षा के बीच हुआ अंकिता का अंतिम संस्कार, भाई ने दी मुखाग्नि

Ankita Murder Case Update: भारी सुरक्षा के बीच हुआ अंकिता का अंतिम संस्कार, भाई ने दी मुखाग्नि

Tamil Nadu: एक और कॉलेज में MMS कांड, छात्रा अपने दोस्त को भेजती थी डर्टी पिक्चर

Tamil Nadu: एक और कॉलेज में MMS कांड, छात्रा अपने दोस्त को भेजती थी डर्टी पिक्चर

कप्तान Ajinkya Rahane ने पेश की अनुशासनप्रियता का मिसाल, Yashasvi Jaiswal को भेजा मैदान से बाहर

कप्तान Ajinkya Rahane ने पेश की अनुशासनप्रियता का मिसाल, Yashasvi Jaiswal को भेजा मैदान से बाहर

Evening News Brief: अंकिता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर लोगों का फूटा गुस्सा, दिल्ली में लड़के का गैंग रेप

Evening News Brief: अंकिता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर लोगों का फूटा गुस्सा, दिल्ली में लड़के का गैंग रेप

'Chhello Show' के निर्देशक Pan Nalin ने दिया रिएक्शन, फिल्म पर लग रहे कई आरोप

'Chhello Show' के निर्देशक Pan Nalin ने दिया रिएक्शन, फिल्म पर लग रहे कई आरोप

President VV Giri: भारत का राष्ट्रपति जो पद पर रहते सुप्रीम कोर्ट के कठघरे में पहुंचा | Jharokha 10 Aug

आजाद भारत के चौथे राष्ट्रपति वी वी गिरि (V. V. Giri) का जन्म 10 अगस्त, 1894 को  ओडिशा के बेरहमपुर में हुआ था.  वी वी गिरि  के पिता का नाम वी.वी. जोगय्या पंतुलु था. इस लेख में हम जानेंगे भारत के पूर्व राष्ट्रपति वी वी गिरि से जुड़े किस्से के बारे में

आजाद भारत के चौथे राष्ट्रपति वी वी गिरि (V. V. Giri) का जन्म 10 अगस्त, 1894 को ओडिशा के बेरहमपुर में हुआ था. वी वी गिरि के पिता का नाम वी.वी. जोगय्या पंतुलु था. पंतुलु वकील और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एक्टिव मेंबर थे. वी वी गिरि एक वकील और स्थानीय बार काउंसिल के नेता थे. वी वी गिरि जी की स्कूली शिक्षा ब्रह्मपुर में ही संपन्न हुई. 1913 में वकालत की पढ़ाई के लिए वे आयरलैंड चले गए थे. उन्होंने डबलिन यूनिवर्सिटी से 1913-16 तक पढ़ाई की. इस लेख में हम जानेंगे भारत के पूर्व राष्ट्रपति वी वी गिरि से जुड़े उस किस्से के बारे में जब उन्हें कोर्ट में पेश होना पड़ा था.

1970 में कोर्ट में पेश हुए थे वी वी गिरि

वो साल 1970 के दिन थे...सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के एक कटघरे में सोफानुमा बड़ी कुर्सी लगी थी. अदालत में हर कोई सलीके से बैठा था और चौकन्ना था...वजह ये थी कि उस दिन देश की सबसे बड़ी अदालत में वो होने वाला था जो न तो पहले कभी हुआ और न ही बाद में इसकी कोई संभावना नजर आती है.

ये भी देखें- Christopher Columbus Discovery: भारत की खोज करते-करते कोलंबस ने कैसे ढूंढा अमेरिका?

दरअसल, उस दिन कोर्ट में हाजिर होने वाले थे भारत के राष्ट्रपति (President of India)...वो शख्स जो खुद सुप्रीम कोर्ट के किसी फैसले को पलटने की ताकत रखता है. वो शख्स जिसे कानूनी तौर पर छूट हासिल है...लेकिन फिर भी वो अदालत के सामने कटघरे में पेश हुए और अपना बयान दर्ज कराया.

जानते हैं उस राष्ट्रपति का क्या नाम है- वी वी गिरि (V. V. Giri)... पूरा नाम वराहगिरि वेंकट गिरि (Varahagiri Venkata Giri). वी वी गिरि एक ऐसे शख्स थे जिनके नाम कई चीजें पहली बार होने का कीर्तिमान दर्ज है. मसलन वे देश के पहले और अब तक के अंतिम निर्दलीय राष्ट्रपति हैं.

10 अगस्त 1894 को ओडिशा में जन्म

आज की तारीख का संबंध भारत रत्न वी वी गिरि (V. V. Giri) से है...10 अगस्त 1894 को ओडिशा के बेहरामपुर में उनका जन्म हुआ था. वे भारत के चौथे राष्ट्रपति थे. उनकी कहानी ने देश का राजनीतिक इतिहास हमेशा के लिए बदल दिया है.

ये भी देखें- Third Battle of Panipat: सदाशिव राव की एक 'गलती' से मराठे हार गए थे पानीपत की जंग

अब बात उस केस की जिसके लिए भारत के सुप्रीम कोर्ट में महामहिम राष्ट्रपति को पेश होना पड़ा. दरअसल, 13 मई 1969 को भारत के तीसरे राष्ट्रपति जाकिर हुसैन (Indian President Zakir Husain) की असमायिक मौत हो गई तब वी वी गिरि को कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त किया गया. बाद में फैसला हुआ कि नए राष्ट्रपति का चुनाव करा लिया जाए. लेकिन नए राष्ट्रपति के चुनाव को लेकर प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) और सिंडिकेट (Congress Syndicate Leaders) के नाम से जानी जाने वाली कांग्रेस पार्टी के पुराने नेताओं के बीच ठन गई थी. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (All India Congress Committee) ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के विरोध को नजरअंदाज करते हुए नीलम संजीव रेड्डी (Neelam Sanjiva Reddy) को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर समर्थन देने का फैसला किया.

इससे नाराज इंदिरा ने भी वी वी गिरि को समर्थन देने की घोषणा कर दी. इंदिरा ने कांग्रेस विधायकों और सांसदों से अपनी अंतरात्मा की आवाज पर वोट करने का आह्वान किया. 16 अगस्त 1969 को हुए चुनाव में रेड्डी, गिरि और विपक्षी उम्मीदवार सीडी देशमुख (C. D. Deshmukh) के बीच मुकाबला हुआ. इस करीबी लड़ाई में वी वी गिरि विजयी हुए. पहली वरीयता में उन्हें 48.01 फीसदी वोट मिले और बाद में दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती में उन्होंने बहुमत हासिल कर लिया. इसके साथ ही उन्होंने इतिहास रच दिया क्योंकि वो न सिर्फ पहले निर्दलीय राष्ट्रपति बने बल्कि अब तक वे इकलौते कार्यवाहक राष्ट्रपति भी हैं जो बाद में राष्ट्रपति भी बने.

वीवी गिरी का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया

दूसरी तरफ गिरि के चुनाव का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया. इसकी वैधता को चुनौती देने वाली एक याचिका में कहा गया कि राष्ट्रपति चुनाव में मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए भ्रष्ट तरीके अपनाए गए. सुनवाई हुई तो बतौर राष्ट्रपति गिरि व्यक्तिगत रूप से कोर्ट के समक्ष पेश हुए और वहां उनसे गवाह के रूप में पूछताछ की गई. अदालत ने अंत में याचिका खारिज कर दी और गिरि के चुनाव को बरकरार रखा. वी वी गिरि 24 अगस्त 1969 को भारत के राष्ट्रपति बने और 24 अगस्त 1974 तक इस पद पर बने रहे, उनके बाद फखरुद्दीन अली अहमद (Fakhruddin Ali Ahmed) ने यह पदभार संभाला.

ये भी देखें- Lala Amarnath: पाकिस्तान में भी चुनाव जीत सकता था ये भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी

वीवी गिरी बने थे मोहरा

दरअसल, वी वी गिरि का राष्ट्रपति पद पर चुना जाना देश के सियासी इतिहास का एक निर्णायक मोड़ है और अपने असर में तख्तापलट जितना ही झटकेदार. आप कह सकते हैं कि देश में पांचवीं दफे जब राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव हुए तो सियासत की बिसात पर वी वी गिरि एक मोहरा भर थे. बिसात किसी और ने बिछायी थी और वही वी वी गिरि को आगे करके अपनी बादशाहत कायम करने की बाजी खेल रहा था. राष्ट्रपति पद के चुनाव में वीवी गिरि की जीत भारत की लोकतांत्रिक राजनीति में एक व्यक्ति के ताकतवर होते जाने और ठीक उसी अनुपात में लोकतंत्र को थामे रखने वाली संस्थाओं के कमजोर पड़ने का भी मामला है.

वैसे वी वी गिरि के जीवन से कई दिलचस्प संयोग जुड़े हैं. उनका जन्म 10 अगस्त, 1894 को ओडिशा के बेरहमपुर गांव में हुआ था. उनके पिता वी.वी. जोगय्या पंतुलु (VV Jogayya Pantulu) थे जो एक सफल वकील और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनीतिक कार्यकर्ता थे. उनकी मां भी आजादी के आंदोलन में जेल जा चुकी थीं. वी वी गिरि की शादी सरस्वती बाई से हुई थी और उनके 14 बच्चे थे. साल 1913 में वो कानून की पढ़ाई के लिए आयलैंड चले गए. जहां उन्होंने 1913-1916 के बीच यूनिवर्सिटी कॉलेज डबलिन (University College Dublin) में पढ़ाई. यहीं पर गिरि आयरलैंड के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ गए और गिरफ्तार भी हुए. जिसके बाद उन्हें आयरलैंड से देश निकाला दिया गया. उन्हें मजबूरन भारत वापस लौटना पड़ा. जिसके बाद साल 1920 में उन्होंने महात्मा गांधी के आह्वान पर असहयोग आंदोलन में भाग लिया.

ये भी देखें- Quit India Movement: गांधी ने नहीं किसी और शख्स ने दिया था ‘भारत छोड़ो’ का नारा!

एक दूसरा पक्ष ये भी है कि वी वी गिरि को शुरू से ही मजदूरों के बड़े नेता रहे. साल 1928 में उनकी अगुवाई में रेलवे कामगारों की अहिंसक हड़ताल हुई, ब्रिटिश राज और रेलवे प्रबंधन को कामगारों की मांग माननी पड़ी. ट्रेड यूनियनों को आजादी के आंदोलन का भागीदार बनाने का बड़ा श्रेय वी वी गिरि की नेतृत्व क्षमता को दिया जाता है. वे दूसरे गोलमेज सम्मेलन (Golmez Sammelan) में कामगारों के प्रतिनिधि के तौर पर शामिल हुए थे. आजादी के बाद भी साल 1952 में नेहरू सरकार में उन्हें श्रम मंत्रालय का ही जिम्मा मिला. उनकी सोच थी कि औद्योगिक विवाद की स्थिति में प्रबंधन हर हाल में मजदूरों से बातचीत के जरिए ही समाधान निकाले. इसे ‘गिरि-एप्रोच’ के नाम से जाना जाता है.

चलते चलते आज की दूसरी घटनाओं पर भी एक नजर डाल लेते हैं...

1809 : इक्वाडोर को स्पेन से आजादी (Ecuador Freedom from Spain) मिली.

1822 : सीरिया में विनाशकारी भूकंप से 20 हजार लोगों की मौत.

1831: कैरेबियाई द्वीप समूह बारबाडोस में तूफान से डेढ़ हजार लोगों की मौत.

1995: प्रसिद्ध लेखक और व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई (Harishankar Parsai) का निधन हुआ.

ये भी देखें- Indo–Soviet Treaty in 1971: भारत पर आई आंच तो अमेरिका से भी भिड़ गया था 'रूस!

अप नेक्स्ट

President VV Giri: भारत का राष्ट्रपति जो पद पर रहते सुप्रीम कोर्ट के कठघरे में पहुंचा | Jharokha 10 Aug

President VV Giri: भारत का राष्ट्रपति जो पद पर रहते सुप्रीम कोर्ट के कठघरे में पहुंचा | Jharokha 10 Aug

Ankita Murder Case Update: भारी सुरक्षा के बीच हुआ अंकिता का अंतिम संस्कार, भाई ने दी मुखाग्नि

Ankita Murder Case Update: भारी सुरक्षा के बीच हुआ अंकिता का अंतिम संस्कार, भाई ने दी मुखाग्नि

Tamil Nadu: एक और कॉलेज में MMS कांड, छात्रा अपने दोस्त को भेजती थी डर्टी पिक्चर

Tamil Nadu: एक और कॉलेज में MMS कांड, छात्रा अपने दोस्त को भेजती थी डर्टी पिक्चर

Evening News Brief: अंकिता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर लोगों का फूटा गुस्सा, दिल्ली में लड़के का गैंग रेप

Evening News Brief: अंकिता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर लोगों का फूटा गुस्सा, दिल्ली में लड़के का गैंग रेप

Jammu Kashmir: LOC से घुसपैठ कर रहे 2 आतंकियों को सुरक्षाबलों ने किया ढेर, AK-47 और हथगोले बरामद

Jammu Kashmir: LOC से घुसपैठ कर रहे 2 आतंकियों को सुरक्षाबलों ने किया ढेर, AK-47 और हथगोले बरामद

DELHI: दिल्ली में एक लड़के का रेप, 12 साल के मासूम से 4 दरिंदों ने किया कुकर्म

DELHI: दिल्ली में एक लड़के का रेप, 12 साल के मासूम से 4 दरिंदों ने किया कुकर्म

और वीडियो

तमिलनाडु के मदुरै में RSS मेंबर के घर एक अज्ञात व्यक्ति ने फेंके पेट्रोल बम, पुलिस ने किया मामला दर्ज

तमिलनाडु के मदुरै में RSS मेंबर के घर एक अज्ञात व्यक्ति ने फेंके पेट्रोल बम, पुलिस ने किया मामला दर्ज

 Mann ki Baat: शहीद-ए-आजम के नाम पर रखा जाएगा चंडीगढ़ एयरपोर्ट का नाम, 'मन की बात' में बोले PM

Mann ki Baat: शहीद-ए-आजम के नाम पर रखा जाएगा चंडीगढ़ एयरपोर्ट का नाम, 'मन की बात' में बोले PM

Ankita Murder Case:अंकिता हत्याकांड से गुस्साए लोगों ने किया हाईवे जाम, आरोपियों को फांसी देने की मांग की

Ankita Murder Case:अंकिता हत्याकांड से गुस्साए लोगों ने किया हाईवे जाम, आरोपियों को फांसी देने की मांग की

 Delhi Excise revenue: शराब ने भर दिया दिल्ली सरकार का खजाना, 25 दिनों में हुई 680 करोड़ की कमाई

Delhi Excise revenue: शराब ने भर दिया दिल्ली सरकार का खजाना, 25 दिनों में हुई 680 करोड़ की कमाई

Ankita Murder Case: अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़े अंकिता के परिजन, दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की

Ankita Murder Case: अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़े अंकिता के परिजन, दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की

Delhi News: दिल्ली में क्लब के बाहर महिला ने मचाया बवाल, बाउंसरों पर लगाए संगीन आरोप

Delhi News: दिल्ली में क्लब के बाहर महिला ने मचाया बवाल, बाउंसरों पर लगाए संगीन आरोप

Rajasthan Congress: राजस्थान का अगला सीएम कौन? विधायकों की बैठक में आज हो सकता है तय

Rajasthan Congress: राजस्थान का अगला सीएम कौन? विधायकों की बैठक में आज हो सकता है तय

Ankita Murder case: अंकिता हत्याकांड के बाद एक्शन में सरकार, आज किया जाएगा अंकिता का अंतिम संस्कार

Ankita Murder case: अंकिता हत्याकांड के बाद एक्शन में सरकार, आज किया जाएगा अंकिता का अंतिम संस्कार

Chandigarh MMS Case: पुलिस को मिली एक और सफलता, अरुणाचल प्रदेश से सेना का जवान गिरफ्तार

Chandigarh MMS Case: पुलिस को मिली एक और सफलता, अरुणाचल प्रदेश से सेना का जवान गिरफ्तार

J&K: आतंकियों ने फिर बनाया गैर कश्मीरियों को निशाना, बिहार के 2 मजदूरों को मारी गोली

J&K: आतंकियों ने फिर बनाया गैर कश्मीरियों को निशाना, बिहार के 2 मजदूरों को मारी गोली

Editorji Technologies Pvt. Ltd. © 2022 All Rights Reserved.