सोशल मीडिया (Social Media) को लेकर नए IT नियमों पर केंद्र सरकार और ट्विटर में जारी गतिरोध के बीच Twitter और IT Ministry के अधिकारी संसदीय समिति (Parliamentary Panel) के सामने पेश हुए. शशि थरूर की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति के सामने इन्होंने सोशल मीडिया के दुरुपयोग (Misuse of Social Media) को रोकने पर अपना पक्ष रखा. खबर है कि करीब 100 मिनट तक चली बैठक में कांग्रेस सांसद थरूर की अगुवाई वाली संसदीय समिति ने ट्विटर से कई कड़े सवाल पूछे. जैसे - देश के कानून का उल्लंघन करने पर Twitter के खिलाफ जुर्माना क्यों न लगाया जाए? ये भी कहा गया कि - देश का कानून सर्वोपरि है, आपकी नीति नहीं.
ट्विटर की तरफ से उसकी पब्लिक पॉलिसी मैनेजर शगुफ्ता कामरान और कानूनी सलाहकार आत्सुशी कपूर पहुंचे थे. इस बैठक में ट्विटर से विवादास्पद सामग्री (controversial content) पर कार्रवाई करने की उसकी नीति के बारे में पूछा गया तो खबर है कि उन्होंने कहा - हम हेल्दी ट्वीट्स (Healthy Tweets) को बढ़ावा देते हैं और जो हेल्दी ट्वीट्स नहीं होते, उन्हें डिमोट कर देते हैं."
बता दें कि कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) की अगुवाई वाली ये संसदीय समिति डिजिटल स्पेस में महिला सुरक्षा और दूसरे अहम मुद्दों पर सोशल मीडिया कंपनियों को बुलाकर उनसे पूछताछ करेगी और उनके विचार भी जानेगी. Twitter के शीर्ष अधिकारियों को ऐसे समय तलब किया गया है जब नए IT नियमों को लेकर उसकी सरकार से तकरार चल रही है. खबर है कि Twitter India के बाद अब संसदीय समिति Facebook, youtube और Google के अफसरों को भी तलब करेगी और उनकी नीतियों की जांच करेगी.