कोरोना महामारी के खिलाफ दुनियाभर में वैक्सीनेशन (Vaccination) को सबसे मजबूत हथियार बताया गया है. भारत समेत दूसरे देशों में ज्यादा से ज्यादा लोग वैक्सीन (vaccine) ले भी रहे हैं, लेकिन सभी के जेहन में एक सवाल है कि आखिर कितने दिनों तक वैक्सीन का असर रहेगा और कब एंटीबॉडीज का स्तर कम होने लगेगा. इसी के तहत अब द लांसेट जर्नल में छपी एक स्टडी में दावा किया गया है कि, फाइजर (Pfizer) और एस्ट्राजेनेका यानी कोविशील्ड (Covishield) से पूरी तरह वैक्सीनेट होने के 6 हफ्ते बाद कुल एंटीबॉडीज का स्तर कम होने लगता है. जबकि, 10 हफ्तों के बाद एंटीबॉडीज का स्तर 50 फीसदी से ज्यादा कम हो सकता है. रिसर्चर्स ने कहा कि अगर इसी दर से एंटीबॉडीज का स्तर गिरेगा तो वैक्सीन के रक्षात्मक असर में भी कमी आ सकती है, खासकर कोरोना के नए वेरिएंट्स के खिलाफ.
स्टडी में पाया गया कि फाइजर वैक्सीन की दो डोज लेने के बाद एंटीबॉडी का स्तर एस्ट्राजेनेका के मुकाबले ज्यादा है. जबकि, पूरी तरह वैक्सीनेटेड लोगों में एंटीबॉडी का स्तर कोविड संक्रमण से मिलीं एंटीबॉडीज से ज्यादा पाया गया है. इस स्टडी के रिजल्ट 18 साल और उससे ज्यादा उम्र के 600 लोगों पर किए गए अध्ययन पर आधारित है.