प्रेगनेंसी के दौरान कोरोना की चपेट में आने को लेकर The Lancet Journel में छपी स्टडी में एक और परेशानी का खुलासा हुआ है. अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के रिसर्चर्स के मुताबिक, प्रेगनेंसी के दौरान कोरोना से संक्रमित होने पर प्रीटर्म बर्थ यानी शिशु के समय से पहले जन्म का खतरा बढ़ सकता है.
रिसर्चर्स ने जुलाई 2020 से जनवरी 2021 के बीच कैलिफोर्निया में जन्मे बच्चों के बर्थ सर्टिफिकेट का विश्लेषण किया जिसमें पाया कि इस दौरान करीब 2 लाख 40 हजार 157 बच्चों का जन्म हुआ. जिनमें से 9 हजार बच्चों की मां को प्रेगनेंसी के दौरान कोरोना हुआ था. रिचर्स में सामने आया है कि सामान्य प्रेगनेंट महिलाओं में 8.7 प्रतिशत जबकि कोरोना संक्रमण से जूझने वाली गर्भवती महिलाओं में 11.8 प्रतिशत बच्चों की प्री-मैच्योर डिलीवरी हुई.
रिसर्च के बाद मिले निष्कर्ष के अनुसार कोरोना संक्रमित महिलाओं में समय से पहले यानी प्रेगनेंसी के 37 हफ्ते से पहले जन्म की संभावना 40 फीसदी तक बढ़ जाती है. रिसर्च ये भी कहती है कि जो महिला कोविड-19 के साथ-साथ हाइपरटेंशन, डायबिटीज और मोटापा जैसी दूसरी बीमारी से पीड़ित हो, उन्हें समय से पहले जन्म का जोखिम 160 फीसदी तक बढ़ सकता है.
रिसचर्स की मानें तो प्रीटर्म बर्थ की वजह से गर्भवती महिलाओं और बच्चों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है और डिलीवरी जितनी जल्दी होगी, दिक्कतों का खतरा भी उतना ही अधिक होगा, रिसर्चर्स की सलाह है कि कोरोना के संक्रमण से गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित रखना बहुत जरूरी है ऐसे में कोरोना के खिलाफ वैक्सीनेशन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है