सरकार ने संसद में यूएपीए और राजद्रोह के मामलों से जुड़े आंकड़े पेश किए हैं. राज्यसभा सांसद अब्दुल वहाब के पूछे गए सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने साल 2015 से 2019 के बीच के दर्ज हुए गैरकानूनी गतिविधियां (निवारक) एक्ट यानी यूएपीए और राजद्रोह के कितने मामले दर्ज हुए इसका ब्यौरा दिया. आंकड़ों के मुताबिक 5 सालों में यूएपीए के 5,128 और राजद्रोह के 229 मामले दर्ज हुए हैं. ये आंकड़े NCRB द्वारा जुटाए गए हैं. सबसे ज्यादा 1,786 UAPA के मामले उत्तर पूर्वी राज्य मणिपुर में दर्ज हुए जो कि कुल मामलों का 34.82 फीसदी है. वहीं राजद्रोह के मामले में बिहार 2015 में 9 मामलों के साथ शीर्ष पर रहा, 2016 में हरियाणा 12 केस के साथ, 2017 में असम 19 मामलों के साथ, 2018 में झारखंड 18 केस और 2019 में कर्नाटक 22 मामलों के साथ शीर्ष पर था.