Third Wave Kids: कोरोना वायरस (Coronavirus) की दूसरी लहर इतनी भयानक होगी, किसी ने नहीं सोचा था. जहां कोविड (Covid-19) की पहली लहर ने बुजुर्गों को अपनी चपेट में लिया तो वहीं दूसरी लहर (second wave) युवा वर्ग पर कहर बन कर टूटी. इसी बीच गृह मंत्रालय (Ministry of Home affairs) की ओर से गठित की गई समिति ने देश में अक्टूबर महीने में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि कोरोना की तीसरी लहर बच्चों को अपना टारगेट बना सकती है. इसे लेकर सबसे ज्यादा चिंता की बात ये है कि बच्चों के लिए अभी कोरोना की कोई वैक्सीन (Corona Vaccine) नहीं बनी है. इसके अलावा कई ऐसी दवाइयां भी हैं जो बच्चों को नहीं दी जा सकती हैं. इस स्थिति में बच्चों को लेकर बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है.
भारत सरकार की ओर से गठित कमिटी की ओर से पेश की गई ‘कोविड-19, थर्ड वेव प्रीप्रेयर्डनेस: चिल्ड्रन वल्नरबिलिटी एंड रिकवरी’ (Third Wave Preparedness: Children Vulnerability and Recovery) नाम की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर बच्चे बड़ी संख्या में संक्रमित होते हैं, तो बच्चों के लिए मेडिकल सुविधाएं, डॉक्टर, वेंटिलेटर, एंबुलेंस जैसे उपकरण भी उतने नहीं हैं, जितने की ज़रूरत है.
एक्सपर्ट्स की मानें तो देश में करीब 25 फीसदी बच्चे 18 साल से कम उम्र के हैं और ऐसे बच्चों को वैक्सीन नहीं लगी है. ऐसे में बच्चे भी इस महामारी की चपेट में आ सकते हैं. हालांकि, रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि जल्द ही 12-18 साल की उम्र के बच्चों को वैक्सीन देने की शुरुआत हो सकती है. इसके लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया (DGCI) ने ज़ाइडस कैडिला की वैक्सीन ZyCov-D के इमरजेंसी इस्तेमाल को मंज़ूरी भी दे दी है.
किसी भी तरह की बीमारी से दूर रहने के लिए हेल्थ एक्सपर्ट्स स्ट्रॉन्ग इम्यूनिटी (Strong Immunity) बनाने पर ज़ोर देते हैं. अगर शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होगी तो बीमारियां कम होंगी. इसीलिए कोरोना की संभावित तीसरी लहर से बच्चों को बचाने के लिए जरूरी है कि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने पर ध्यान दिया जाए. अगर बच्चों में खाने-पीने की आदत अच्छी है तो बीमारियां और कोरोना दोनों से शरीर बेहतर तरीके से लड़ता है.
बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए उन्हें हेल्दी खाना खिलाएं. फल, सब्ज़ियां, जूस भरपूर मात्रा में दें. आजकल बच्चों में अक्सर प्रोटीन की कमी देखने को मिलती है, इसे दूर करने के लिए उनके खाने में अंडा शामिल करें. अगर अंडा पसंद नहीं तो उसकी जगह सोया और दाल खिलाएं. बच्चों में दूध पीने और पनीर खाने की आदत डालें. इसके साथ ही विटामिन सी के लिए नींबू पानी पिलाएं और फल खिलाएं. जो विटामिन बच्चों को नैचुरली मिल सके वो जरूर दें, चहे फल के जरिए या खाने के जरिए. सबसे जरूरी कि बच्चों को जंक फ़ूड से दूर रखें और उसके नुक़सान के बारे में उन्हें बताएं. इन सबके अलावा, बच्चों का टीकाकरण समय-समय पर होना चाहिए और इनमें सबसे ज़रूरी होता है इन्फ़्लुएंज़ा का टीका, ये कोरोना से बचाव में मददगार साबित हो सकता है
इसमें कोई दो राय नहीं कि बच्चों को वैक्सीनेट करना कोरोना के खिलाफ जंग में मील का पत्थर साबित होगा, लेकिन जबतक वैक्सीन नहीं आ जाती है तबतक बचाव ही इलाज है.