क्या कभी आपने भुट्टा खाने से पहले सेहत को मिलने वाले फायदों के बारे में सोचा है? सिके हुए देसी भुट्टे हों या फिर स्टीम में पके अमेरिकन कॉर्न...दोनों का अपना ही मजा है. झमाझम बारिश के समय भुट्टे के मजेदार स्वाद का लुत्फ तो सभी लेते हैं लेकिन इसके फायदों के बारे में कितने लोगों को पता है?
USDA National Nutrient Database के मुताबिक, 100 ग्राम मक्का यानि भुट्टे में 86 कैलोरी, 1% फैट, 0% कोलेस्ट्रॉल, 15 मिलीग्राम सोडियम, 7% पोटेशियम, 6% कार्बोहाइड्रेट, 10% डाइटरी फाइबर, 3.2 ग्राम शुगर, 6% प्रोटीन, 11% विटामिन सी, 1% कैल्शियम, 2% लौह, 5% विटामिन बी-6 और 9% मैग्नीशियम होता है.
आयुर्वेद में भुट्टा खाने के कई फायदे गिनाए गए हैं. ये प्यास को शांत करने वाला होता है. अच्छी बात ये है कि एक ओर जहां बहुत सी चीजें पकने के बाद अपना पोषक गुण खो देती हैं वहीं भुट्टे का पोषण पकने के बाद और बढ़ जाता है. चलिये हम आपको बताते हैं इससे सेहत को मिलने वाले दूसरे फायदों के बारे में.
फाइबर से भरपूर
भुट्टे में भरपूर डाइटरी फाइबर होता है, जो पाचन को बढ़ावा देता है और कब्ज जैसे परेशानियों से आपको बचाता है. आप सिके हुए भुट्टे की जगह स्नैक के रूप में कॉर्न सलाद या उबले हुए स्वीट कॉर्न का मजा ले सकते हैं.
कैंसर सेल्स को रोकने में
अमेरिका की कॉर्नेल यूनिवर्सिटी की स्टडी के मुताबिक, भुट्टा एंटीऑक्सीडेंट्स का बेहतरीन स्रोत है जो कैंसर पैदा करने वाले फ्री रैडिकल्स से लड़ता है. दूसरे खाने की चीजों की जगह आप इस मौसम में भुट्टा से अपने आहार में एंटीऑक्सिडेंट (antioxidant) गुणों को बढ़ा सकते हैं. भुट्टे में एंटी-कार्सिनोजेनिक (anti-carcinogenic) एजेंट होता है जो ब्रेस्ट और लिवर कैंसर के ट्यूमर से लड़ने में मदद करता है.
दिल के लिए
भुना हुआ भुट्टा दिल की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड बहुत ही अच्छी मात्रा में होता है जो खराब कोलेस्ट्रॉल (bad cholesterol) को कंट्रोल करता है. भुट्टा खराब कोलेस्ट्रोल को हटा कर धमनियों को ब्लॉक होने से रोकता है. जिससे आपका ब्लडप्रेशर कंट्रोल होता है और हार्ट अटैक और स्ट्रोक (heart attack and stroke) के खतरे को कम करता है. ऑस्ट्रेलियाई सरकार भी दिल की बीमारी को रोकने वाली खाने की चीजों में कॉर्न ऑयल यानि मकई के तेल को शामिल करने की सलाह देती है.
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आंखों के लिए
भुट्टे के दानों में कैरोटीनॉयड नाम का तत्व होता है जो मैकुलर डिजेनेरेशन के खतरे को कम करता है जिसका सीधा संबंध आपके देखने की क्षमता से जुड़ा होता है. जर्नल साइंस में छपी स्टडी बताती है कि भुट्टे में मौजूद बीटा कैरोटीन विटामिन ए बनाने में मदद करता है जो आंखों की हर समस्या को दूर करता है.
एनीमिया में
विटामिन-बी 12 और फोलिक एसिड (folic acid) की कमी के कारण एनीमिया होता है. ब्रिटिश जर्नल न्यूट्रिशन के मुताबिक, भुट्टे का रेग्युलर और बैलेंस्ड तरीके से डायट में शामिल कर आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया के खतरे की कम किया जा सकता है क्योंकि भुट्टे में आयरन बहुत ही अच्छी मात्रा में होता है जो नये रेड ब्लड सेल्स को बनाने के लिए जरूरी मिनरल्स में से एक है.
एनर्जी बूस्ट करने में
अगर आप लो यानि सुस्त और बिना एनर्जी के महसूस कर रहे हैं तो भुट्टा खाइये क्योंकि भुट्टे को स्टार्च वाला डायट माना जाता है. भुट्टे यानि कॉर्न में कार्बोहाइड्रेट की भरपूर मात्रा होती है जो आपको तुरंत और लंबे समय तक एनर्जी दिलाने में मदद करता है. भुट्टा आपके मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र (nervous system) की कार्य क्षमता को भी सुधारता है.
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अगर भुट्टे को सीमित मात्रा में खाया जाए तो ये हमें बहुत फायदे देता है लेकिन ज्यादा खाने से इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं. जैसे:
- भुट्टा में फाइबर बहुत होता है इसीलिए इसे अधिक खाने से अपच, पेट में ऐंठन जैसी परेशानी हो सकती है
- कॉर्न या भुट्टा को कच्चे नहीं खाना चाहिए, इससे दस्त हो सकता है और आंतों में परेशानी को बढ़ा सकता है
- भुट्टा डायबिटीज़ से पीड़ित लोगों पर नेगेटिव रूप से असर डाल सकता है. क्योंकि इसमें कार्बोहाइड्रेट अधिक मात्रा में होता है जो ब्लड शुगर के लेवल को बढ़ा सकता है
- कुछ लोगों में ज्यादा भुट्टा खाने से गैस, पेट फूलना और सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं