CJI NV Ramana ने कहा है कि भारत का न्यायिक तंत्र कई मुश्किल चुनौतियों का सामना कर रहा है जिसमें बुनियादी ढांचे, प्रशासनिक स्टाफ की कमी और जजों के खाली पड़े पद जैसी समस्याएं शामिल हैं. शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान जस्टिस रमना ने सुप्रीम कोर्ट में नौ जजों की नियुक्तियों के लिए प्रधानमंत्री और कानून मंत्री का धन्यवाद और आशा जताई कि कॉलेजियम की तरफ से विभिन्न हाईकोर्ट्स के लिए सुझाये गए नामों पर भी सरकार जल्द ही मंजूरी देगी. CJI बोले कि समस्याओं को दूर करने के लिए नेशनल ज्यूडिशियल इंफ्रास्ट्रक्चर कार्पोरेशन के गठन का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है और इसे जल्द ही सरकार को भेजा जाएगा.
जस्टिस रमना ने न्याय तंत्र में महिलाओं की भागीदारी को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि आजादी के 75 साल बाद भी हमने सर्वोच्च न्यायालय में महिलाओं का केवल 11 प्रतिशत प्रतिनिधित्व हासिल किया है. उन्होंने खुद की तुलना सचिन तेंदुलकर से किए जाने पर कहा कि ये धारणा सही नहीं है और जो भी सफलता मिलती है वो 'टीम एफर्ट्स' की बदौलत मिलती है.
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