CM Yogi Abba Jaan: यूपी में अगले साल चुनाव है, लिहाजा नेताओं के भाषणों में धर्म की छाप दिखनी शुरू हो गई है. UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब 'अब्बा जान' शब्द का इस्तेमाल कर एक खास समुदाय से सवाल किया, तो दूसरे पर आरोप लगाने की कोशिश. रविवार को कुशीनगर में उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा है कि - 2017 से पहले 'अब्बा जान' (Abba jaan) कहने वाले लोग सारा राशन खा जाते थे.
अब विपक्षी दलों ने इसे भड़काऊ और भाजपा की सांप्रदायिक चुनावी पैंतरे की बानगी बताया. नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) बोले- BJP घोर सांप्रदायिकता और नफरत के अलावा किसी दूसरे एजेंडे पर चुनाव लड़ ही नहीं सकती. उसका सारा जहर मुस्लिमों के प्रति होता है. समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) नेता आशुतोष सिन्हा बोले- एक मुख्यमंत्री को ऐसी भाषा का उपयोग शोभा नहीं देता, ये दर्शाता है कि वो पढ़े-लिखे नहीं हैं.
TMC नेता महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) ने ट्वीट कर SC और यूपी पुलिस से पूछा - भारत में एक चुना हुआ CM धार्मिक भावनाएं भड़का रहा है, ये IPC की धारा 153A का सीधा उल्लंघन है. क्या कोई इसका संज्ञान लेगा?
तो ओवैसी (Owaisi) ने कहा - 'कैसा तुष्टीकरण? प्रदेश के मुसलमानों की साक्षरता-दर सबसे कम है. मुस्लिम इलाक़ों में स्कूल-कॉलेज नहीं खोले जाते. अल्पसंख्यकों के विकास के लिए केंद्र ने बाबा की सरकार को 16,207 लाख दिए थे लेकिन बाबा ने सिर्फ ₹1602 लाख ही खर्चा'. ओवैसी ने योगी से पूछा - 'अब्बा के बहाने किसके वोटों का तुष्टीकरण हो रहा है बाबा? देश के 9 लाख बच्चे गंभीर तौर पर कुपोषित हैं, जिनमें से चार लाख बच्चे सिर्फ़ यूपी से हैं'. ओवैसी बोले - 'केंद्र सरकार के मुताबिक बाबा-राज में UP के PHC में सबसे कम डॉक्टर मौजूद हैं. अगर काम किए होते बाबा तो अब्बा, अब्बा नहीं चिल्लाना पड़ता.'