Corona के कमबैक ने दुनिया को डरा दिया है. ब्रिटेन, ब्राजील, इजरायल, जर्मनी और UAE जैसे देशों ने डेल्टा वैरिएंट के बढ़ते प्रकोप के बीच अपने लोगों को वैक्सीन की बूस्टर डोज देने का फैसला किया है.
जर्मनी के स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि कोरोना से जिन्हें ज्यादा खतरा है उन्हें सितंबर से बूस्टर डोज दी जाएगी. वहीं, इस्राइल की सरकार ने 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को बूस्टर डोज लगाने की घोषणा की है. इसी तरह UAE चीन की साइनोफॉर्म वैक्सीन का इस्तेमाल बूस्टर डोज के तौर पर करेगा. बता दें कि रूस, फ्रांस, और कंबोडिया भी अपने लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए बूस्टर डोज दे रहे हैं.
क्या है बूस्टर डोज ?
इसे आप वैक्सीन की तीसरी डोज भी मान सकते हैं, जो ज्यादा ताकतवर होती है. बूस्टर डोज ज्यादा एंटीबॉडीज बनाती है और वायरस से लड़ने में शरीर को मजबूती देती है.
हालांकि, इस बीच WHO ने वैक्सीन की बूस्टर डोज ना लेने की सलाह दी है. WHO ने कहा है कि डेल्टा वेरिएंट के खतरे से बचने के लिए वैक्सीन की तीसरी खुराक ना लें. WHO अधिकारियों के मुताबिक, विज्ञान में अभी यह बात साबित नहीं हुई है कि टीके की दो खुराक ले चुके लोगों को बूस्टर खुराक देना कोरोनावायरस संक्रमण का फैलाव रोकने में प्रभावी होगा.