कोरोना संकट के बीच महंगाई के मोर्चे पर भी देश को झटका लगा है. सरकार द्वारा जारी नए आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल महीने में महंगाई दर मार्च 7.39% के स्तर से बढ़कर 10.49% पर पहुंच गई है. थोक मूल्य सूचकांक (Wholesale price index) पर आधारित मुद्रास्फीति में लगातार चौथे महीने तेजी आई है. वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के मुताबिक कच्चे तेल, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से मुद्रास्फीति बढ़ी है. अप्रैल महीने में खाद्य थोक महंगाई दर 7.58% हो गई है जो कि मार्च में 5.28 फीसदी थी. वहीं तेल और बिजली की बात करें तो अप्रैल महीने में ये दोगुनी होकर 20.94 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई है. खाद्य पदार्थों की बात करें तो सब्जियों, दालों और दूध की महंगाई दर घटी हैं लेकिन अंडा, मीट और मछली की महंगाई दर अप्रैल में 10.88 फीसदी का स्तर छू गईं.