देश के कई राज्य एक बार फिर वैक्सीन की कमी से जूझ रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया (Manshukh Mandvia) ने वैक्सीन की कमी से जुड़े बयानों को निर्थरक बताया है, उन्होंने कहा कि ऐसे बयान लोगों में घबराहट पैदा करने के लिए दिए जा रहे हैं.
दरअसल कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने वैक्सीन की कमी को लेकर कहा था कि लोगों को जुमले नहीं वैक्सीन चाहिए, जिसके बाद मांडविया ने सिलसिलेवार कई ट्वीट्स के जरिए वैक्सीन की किल्लत के दावों को खारिज किया.
मांडविया ने कहा कि सरकारी और निजी अस्पतालों के जरिए वैक्सीनेशन हो सके, इसलिए जून में 11.46 करोड़ टीके की डोज़ राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को उपलब्ध कराई गई और जुलाई महीने में इस उपलब्धता को बढ़ाकर 13.50 करोड़ किया गया.
मंडाविया ने कहा कि राज्यों को अच्छी तरह से पता है कि उन्हें कब और कितनी मात्रा में डोज़ मिलेंगे, केंद्र सरकार ने ऐसा इसलिए किया ताकि राज्य सरकारें जिला स्तर तक वैक्सीनेशन का काम सही योजना बनाकर कर सकें और लोगों को कोई परेशानी ना हों.
हालांकि वैक्सीन की कमी की वजह से राज्यों के वैक्सीनेशन कार्यक्रम (Vaccination) पर असर पड़ा है. जहां दिल्ली में वैक्सीन की पर्याप्त मात्रा ना होने की वजह से कई सेंटर अस्थाई रूप से बंद हैं तो मध्यप्रदेश में टीके की कमी के चलते पिछले एक दिन में सिर्फ 38 हजार खुराक दी गई, यही नहीं महाराष्ट्र,झारखंड, राजस्थान, केरल, तमिलनाडु समेत कई राज्यों में भी वैक्सीनेशन प्रोग्राम प्रभावित हुआ है.