यूपी में विकास दूबे एनकाउंटर(Vikas Dubey) के फर्जी होने के दावों की जांच में राज्य पुलिस को बड़ी राहत मिली है. मामले की जांच कर रहे जस्टिस बीएस चौहान आयोग(BS Chauhan Commision) ने यूपी पुलिस को क्लीन चिट दे दी है. आयोग ने अपनी जांच में पाया है कि यूपी पुलिस के फर्जी मुठभेड़ करने के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है साथ ही एनकाउंटर के केस में आयोग को कोई भी चश्मदीद नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो सके कि एनकाउंटर फर्जी था. बीते साल 22 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज जस्टिस बीएस चौहान की अध्यक्षता में एक जांच आयोग का गठन किया गया था. इसमें इलाहाबाद के एचसी जज शशि कांत अग्रवाल और पूर्व डीजीपी केएल गुप्ता शामिल थे. आपको बता दें कि बीते साल ही 3 जुलाई को कानपुर के गांव बिकरू में गैंगस्टर विकास दूबे और उसके साथियों ने डीएसपी समेत 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी जिसके बाद 10 जुलाई को पुलिस ने उसे एनकाउंटर में मार गिराया था.