BSP सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने ब्राह्मणों (Brahmins) को फिर से बीएसपी के साथ जुड़ने की अपील की है. उन्होंने कहा कि ब्राह्मण आखिर कब तक बीजेपी और कांग्रेस पर भरोसा करेंगे, अब समय आ गया है कि इन दोनों को ही तिलांजलि दे दी जाए.
रविवार को मायावती ने कहा कि पिछले चुनाव में ब्राह्मण बीजेपी के बहकावे में आ गए और उन्हें एकतरफा वोट मिला. लेकिन वो अब पछता रहे हैं क्योंकि सब जानते हैं इस सरकार में ब्राह्मणों पर कितनी ज्यादती हुई है. उन्होंने आह्वान किया कि ब्राह्मण फिर से बसपा के साथ जुड़ जाएं ताकि ये वर्ग अपना खोया मान सम्मान दोबारा पा सके. साल 2007 के चुनाव में बसपा ब्राह्मण मतदाताओं को साधने में कामयाब रही थी और प्रदेश में शानदार तरीके से उसकी सरकार बनी थी.
उस दौरान दलित-ब्राह्मणों की सोशल इंजीनियरिंग काफी चर्चा में रही थी और BSP अब एक बार फिर से इस फॉर्मूले को दोहराना चाहती है. इसी के चलते पार्टी ब्राह्मणों का मंडलीय सम्मेलन करने जा रही है जिसकी शुरुआत 23 जुलाई को अयोध्या से होगी. इन सम्मेलनों की अगुवाई पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा करेंगे जिन्हें ऐसे आयोजनों का अच्छा-ख़ासा अनुभव है.