5 राज्यों के विधानसभा चुनावों से पहले इलक्टोरल बॉन्ड्स को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला दिया है. शुक्रवार को टॉप कोर्ट ने इलक्टोरल बॉन्ड्स की बिक्री पर रोक लगाने से इंकार कर दिया. दरअसल NGO एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने इलेक्टोरल बॉन्ड की सेल के खिलाफ याचिका दायर की थी. जिस पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि अभी चुनावी बॉन्ड पर रोक लगाने की कोई उचित वजह नजर नहीं आती. इसपर याचिकाकर्ता के वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि, इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए सियासी दलों को मिलने वाले चंदे का स्त्रोत पता नहीं चलता है, कॉर्पोरेट कंपनियों से मिलने वाला ये गुप्त दान लोकतंत्र के लिए नुकसानदेह है. हालांकि केंद्र के वकील अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल ने दावा किया कि इससे काले धन पर रोक लगी है. तो वहीं चुनाव आयोग ने भी कोर्ट से कहा कि वो इन बॉन्ड्स का विरोध नहीं कर रहा है, हालांकि वो इसके जरिए मिलने वाले गुमनाम चंदे पर चिंतित जरूर है.