सुप्रीम कोर्ट ने 12वीं के बोर्ड एक्जाम के लिए सीबीएसई के (CBSE Marking Formula Challenged) जिस फॉर्मूले को हरी झंडी दी थी उसे कुछ छात्रों की ओर से चुनौती दी गई. देश भर से 1152 छात्रों ने एक याचिका दायर करते हुए कहा कि कोर्ट (Student move to Supreme Court) ने कहा है कि कोर्ट को कॉरसपोंडेस से बारहवीं करने वाले, ड्रॉप आउट और प्राइवेट छात्रों के लिए भी नीति बनानी चाहिए. साथ ही इन कैटेगरी में एक्जाम देने वाले स्टूडेंट्स, टीटर्स वगैरह की स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी जरूरी इंतजाम करने के मुद्दे पर भी कोर्ट विचार करे.दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने 3 जून को सीबीएसई को मार्किंग स्कीम बनाकर कोर्ट में पेश करने को कहा था, बोर्ड ने 17 जून को अपना फॉर्मूला कोर्ट के सामने रख दिया था लेकिन कोर्ट गए छात्रों का कहना है कि इन कैटेगरी के छात्रों और परीक्षार्थियों को लेकर नई स्कीम में कुछ नहीं है और ये संविधान के आर्टिकल 14 का उल्लंघन है.
दरअसल फरवरी में बोर्ड ने कहा था कि कंपार्टमेंट, प्राइवेट और कॉरेस्पोंडेंस के छात्रों के लिए प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट अलग से आयोजित करने के बजाय रेगुलर स्टूडेंट्स के साथ ही कराए जाएंग, जिस पर इन छात्रों ने कहा है कि इन छात्रों को व्यवहारिक राहतें दी जाए