10वीं और 12वीं क्लास के कई छात्र-छात्राएं रिजल्ट को लेकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के मूल्यांकन फॉर्मूला से संतुष्ट नहीं हैं. CBSE इन स्टूडेंट को अगस्त में लिखित परीक्षा देने का विकल्प देगा. खुद शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने शुक्रवार को ट्विटर पर एक ऑडियो मैसेज जारी कर इस बात की जानकारी दी.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने CBSE बोर्ड के विद्यार्थियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि किसी भी छात्र की योग्यता के साथ अन्याय नहीं होगा. उन्होंने अपने एक ऑडियो मैसेज में कहा कि CBSE की मूल्यांकन फॉर्मूला से सभी छात्रों को उनकी योग्यता के अनुरूप परिणाम मिलेगा. जो छात्र CBSE मूल्यांकन पद्धति से आए परिणाम से असंतुष्ट होंगे, उनके पास हालात ठीक होने पर परीक्षा देने का ऑप्शन रहेगा.
हालांकि उन्होंने कहा कि जो छात्र ये लिखित परीक्षा का विकल्प चुनेंगे उन्हें इसमें मिले मार्क्स को ही मानना होगा. लिखित परीक्षा देने वाले छात्र मूल्यांकन फॉर्मूला के तहत दिए गए मार्क्स देने की दोबारा मांग नहीं कर सकते हैं.
बता दें कि शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक कोरोना संक्रमण के चलते एम्स में भर्ती हैं.