83 साल के एक्टिविस्ट स्टैन स्वामी (Stan Swamy) का अंतिम संस्कार मंगलवार को मुंबई के बांद्रा सेंट पीटर्स चर्च में किया गया .कोविड प्रोटोकॉल के चलते महज़ 20 लोगों की मौजूदगी में उनका Mamorial Mass करवाया गया. ये 20 लोग दरअसल जेसुइट सोसाइटी के पादरी ही थे. हालांकि इस बीच जो लोग उन्हें अपनी श्रद्धांजलि देना चाहते थे उनके लिए यू ट्यूब पर इस प्रार्थना सभा की Live Streaming भी की गई. इस बीच चर्च के बाहर बॉम्बे कैथोलिक सभा के लोगों ने विरोध पदर्शन भी किया. इन लोगों ने कहा कि फादर स्वामी का बलिदान खाली नहीं जाएगा और वो एल्गार परिषद केस के दूसरे आरोपियों के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे और कोर्ट से मांग करेंगे कि उनके केसों का स्पीडी ट्रायल हो.
इस बीच तमिलनाडु के त्रिची जिले के विरागलूर गांव में रहनेवाले फादर स्टेन स्वामी के परिवार ने चर्च के यू-ट्यूब पेज पर ऑनलाइन अंतिम संस्कार देखा. विरागलूर गांव में पत्नी, बच्चे और पोते-पोतियों के साथ फादर स्वामी के बड़े भाई इरुदयास्वामी रहते हैं. इसी घर में फादर स्टेन स्वामी का भी बचपन बीता है