Stan Swamy Dies: आदिवासियों के लिए काम करने वाले 84 साल के बुजुर्ग कार्यकर्ता फादर स्टैन स्वामी (Father Stan Swamy) का मुंबई के अस्पताल में सोमवार को निधन हो गया. उनके वकील ने ये जानकारी बॉम्बे हाईकोर्ट को दी, जहां 5 जुलाई को उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी. बुजुर्ग स्वामी अक्टूबर 2020 से मुंबई की तलोजा जेल (Taloja Jail, Mumbai) में बंद थे. लंबे समय से वो काफी बीमार थे, रविवार से वेंटिलेटर पर थे. फादर स्वामी पार्किन्संस (Parkinsons) समेत कई बीमारियों से पीड़ित थे. उन्हें जेल में कोरोना भी हो चुका था.
पार्किंन्संस से जूझ रहे फादर स्टैन स्वामी को जेल में सिपर और स्ट्रॉ जैसी चीजों के लिए भी अदालत का रुख करना पड़ा था. उन्होंने कोर्ट से ये कहते हुए बेल की गुहार लगाई थी कि वो अपने घर पर मरना चाहते हैं, यही नहीं उन्होंने खुद पर आतंकवाद की धाराओं (UAPA) के तहत लगाए केस केस को भी झूठा बताते हुए उन्हें रद्द करने की मांग की थी. 84 साल के फादर स्टैन स्वामी को NIA ने 8 अक्टूबर 2020 को रांची में उनके घर से अरेस्ट किया था. उन्हें एल्गार परिषद मामले में आरोपी बनाया गया था, और UAPA के कड़े प्रावधानों के तहत उनपर केस दर्ज किया गया था.
Human Rights Defenders पर UN की स्पेशल रैपोर्टर, मैरी लोलर ने इससे पहले ट्वीट कर लिखा था- स्टैन स्वामी की हालत बहुत गंभीर है, उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है. उन्होंने निराधार आरोपों में 9 महीने जेल में बिताए हैं, इसका मुझे गहरा दुख है. मुझे उम्मीद है कि उन्हें हर संभव बेहतर इलाज दिया जाएगा. NHRC ने भी सोमवार को उन्हें सही इलाज देने की बात कही थी.