तजाकिस्तान की राजधानी दुशांबे (dushanbe) में चल रहे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की सालाना बैठक को प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) ने वर्चुअली संबोधित किया. इस दौरान PM ने अफगानिस्तान (Afghanistan) का जिक्र करते हुए कहा कि कट्टरपंथ (fundamentalism) इलाके में शांति, सुरक्षा और विश्वास के लिए सबसे बड़ी चुनौती है.
अफगानिस्तान में हाल के घटनाक्रम ने इस चुनौती को और साफ कर दिया है. इस मुद्दे पर SCO को पहल करना चाहिए. प्रधानमंत्री मोदी जब ये बातें कर रहे हैं तो पाकिस्तान के PM इमरान खान भी उन्हें सुन रहे थे.इससे पहले प्रधानमंत्री ने SCO की 20 वीं सालगिरह पर ईरान (Iran) का बतौर नए सदस्य स्वागत किया. इसके अलावा SCO ने सऊदी अरब, मिस्र और कतर (Saudi Arabia, Egypt and Qatar) को डॉयलग पार्टनर बनाया है.
PM ने कहा कि भारत सेंट्रल एशिया के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए तैयार है. हमारा मानना है कि लैंडलॉक्ड सेंट्रल एशियाई देशों को भारत के विशाल बाजार से जुड़ कर अपार लाभ हो सकता है. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि कनेक्टिविटी की कोई भी पहल वन-वे स्ट्रीट नहीं हो सकती. इसके लिए आपसी सहयोग और पारदर्शिता भी जरूरी है.