दिल्ली के सरकारी जीबी पंत अस्पताल(GB Pant Hospital) ने एक फरमान जारी कर नया विवाद खड़ा कर दिया है. दरअसल अस्पताल के नर्सिंग सुपरिटेंडेंट की ओर से जारी किए गए एक सर्कुलेर में शनिवार को कहा गया कि सभी नर्सिंग स्टाफ (Nursing staff) बातचीत के लिए सिर्फ हिंदी या अंग्रेजी भाषा का इस्तेमाल करें. अगर किसी ने बातचीत के लिए किसी दूसरी भाषा का इस्तेमाल किया तो कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा.
अब इस मामले में सियासी एंट्री भी हो गई है. राहुल गांधी(Rahul Gandhi) समेत कांग्रेस के तमाम बड़े नेताओं ने इस फरमान का विरोध किया है. राहुल ने कहा है कि मलयालम भी उतनी ही भारतीय भाषा है जितनी की कोई और भाषा. भाषाओं के नाम पर भेदभाव बंद किया जाना चाहिए.तो वहीं कांग्रेस के दूसरे नेता शशि थरूर ने भी कहा कि ये हैरानी की बात है कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में एक सरकारी संस्थान अपनी नर्सों से कह सकता है कि वे उन लोगों से भी अपनी मातृभाषा में बात न करें जो उसे समझ सकते हैं.