चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने पीएम मोदी के कोरोना से अनाथ हुए बच्चों को वज़ीफ़ा देने के ऐलान पर तंज़ कसा है. 29 मई को पीएम मोदी ने ऐलान किया था कि कोरोना की वजह से अनाथ हुए बच्चों की पढ़ाई वगैरह का खर्चा पीएम केयर्स फंड से दिया जाएगा. हालांकि सरकारी आदेश में लिखा था कि, ऐसे बच्चों को 18 साल की उम्र में मासिक वजीफा और 23 साल की उम्र में पीएम केयर्स से 10 लाख रुपये का फंड मिलेगा. इसकी आलोचना करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा है कि - अनाथ बच्चों को अभी मदद की जरूरत है, न कि वयस्क होने पर.
प्रशांत ने ट्वीट कर लिखा- मोदी सरकार का एक और मास्टर स्ट्रोक. इस बार कोविड-19 व इसके त्रासदीपूर्ण कुप्रबंधन के कारण अनाथ हुए बच्चों की देखभाल को पुनर्परिभाषित किया गया. अब बहुत जरूरी सहायता अभी मिलने की बजाय, बच्चों को 18 साल का होने पर वजीफे के वादे के बारे में सोचकर ही पॉजिटिव महसूस करना चाहिए।'