Positive News: कोरोना के कारण कई बच्चों का स्कूल छूट गया. हालात पहले जैसे नहीं रहे और पढ़ाई दूर हो गई. लेकिन अब दूर हुई इस पढ़ाई को बच्चों तक ले जाना का जिम्मा उठाया है इन खास ऊंट गाड़ियों ने. ये अनूठी मुहिम चलाई जा रही है राजस्थान के जोधपुर में जहां इन विशेष ऊंट गाड़ियों को लाइब्रेरी में बदल कर गांव-गांव, ढाणी-ढाणी जा बच्चों को पढ़ाने का काम किया जा रहा है. स्थानीय शिक्षा महकमे को एक NGO इस काम में सहयोग कर रहा है और 1500 किताबों की एक बड़ी खेप इन अलग अलग ऊंट गाड़ियों में रखी गई है.
शिक्षा विभाग ने बताया कि जिस गांव या ढाणी में ये मोबाइल लाइब्रेरी जाती है वहां कोई स्थानीय मास्टर इन किताबों से बच्चों को पढ़ने का काम करता है. अगर किसी इलाके में कोई मास्टर नहीं है तो वहां का कोई स्थानीय व्यक्ति भी किताब से पढ़ा सकता है. इतना ही नहीं स्थानीय स्कूल बाद में बच्चों को बांटने के लिए इन ऊंट गाड़ियों से किताबें ले भी सकता है.