नागरिकता संशोधन बिल पर सियासी संग्राम खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. इसे लेकर अब भाजपा के सहयोगी दलों में फूट नजर आने लगी है. लोकसभा में इस पर वोटिंग के दौरान नीतीश कुमार की जडयू ने भी केंद्र सरकार का साथ दिया. लेकिन इसे लेकर अब पार्टी में ही घमासान मच गया है. राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर के बाद वरिष्ठ नेता पवन वर्मा ने भी पार्टी के रुख पर सवाल उठाए हैं. पवन वर्मा ने नीतीश कुमार से इस बिल को समर्थन देने पर दोबारा विचार करने की अपील की है. पवन वर्मा ने कहा- मैं नीतीश कुमार से अपील करता हूं कि वह राज्यसभा में इस बिल को समर्थन देने पर दोबारा विचार करें. ये बिल असंवैधानिक, भेदभावपूर्ण और देश की एकता व सौहार्द के खिलाफ है.