दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस को लेकर पाञ्चजन्य में छपे लेख से RSS ने खुद को अलग कर लिया है. संगठन अखिल भारतीय प्रचार प्रभारी सुनील अंबेडकर ने अपने ट्वीट में लिखा कि- भारतीय कंपनी के नाते इंफोसिस का भारत की उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान है. इंफोसिस संचालित पोर्टल को लेकर कुछ मुद्दे हो सकते हैं परंतु पाञ्चजन्य में इस संदर्भ में प्रकाशित लेख, लेखक के अपने व्यक्तिगत विचार हैं, तथा पाञ्चजन्य संघ का मुखपत्र नहीं है.
दरअसल पाञ्चजन्य के हालिया संस्करण में इंफोसिस को लेकर चार पन्नों की कवर स्टोरी छापी गई थी जिसमें कंपनी पर कई तरह के आरोप लगाए गए थे. लेख में ये भी कहा गया है कि कंपनी पर अतीत में नक्सलियों, वामपंथियों और टुकड़े-टुकड़े गैंग की मदद करने के आरोप लग चुके हैं. हालांकि लेखक ने इसके पक्ष में साक्ष्य न होने की भी बात कही है.
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