चुनाव सुधारों के लिये काम करने वाले समूह ADR की एक रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. ADR की एक रिपोर्ट के मुताबिक मोदी सरकार के नए मंत्रिमंडल (Modi cabinet) के 78 मंत्रियों में से 42 फीसदी ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले (Criminal cases) होने की घोषणा की है. यानी 33 मंत्रियों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले होने की बात स्वीकारी है. जिनमें से 4 पर हत्या के प्रयास (Attempt to murder) से संबंधित मामले हैं. 24 मंत्रियों के ऊपर गंभीर किस्म के मामले दर्ज हैं. इन मामलों में हत्या, हत्या का प्रयास, लूट और डकैती जैसे संगीन अपराध दर्ज हैं.
पश्चिम बंगाल की अलीपुरद्वार से सांसद व अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री जॉन बरला पर 24 गंभीर किस्म की धाराओं वाले 9 मामले और 38 अन्य मामले हैं. कूच बिहार के सांसद व गृह राज्यमंत्री निशित प्रमाणिक पर 11 मामले 21 गंभीर किस्म की धाराओं के हैं. वित्त राज्यमंत्री बनाए गए उत्तर प्रदेश के महाराजगंज के सांसद पंकज चौधरी पर हत्या के प्रयास के कुल 5 मामले दर्ज हैं.
अमर उजाला में छपी रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय कैबिनेट के 5 मंत्रियों पर सांप्रदायिकता फैलाने और धार्मिक भावनायें भड़काने का आरोप है. इनमें ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह, कृषि राज्यमंत्री शोभा करंदलाजे, गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय और कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी शामिल हैं.