रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (Lok Janshakti Party) अब दो गुटों में बंट (LJP Split) गई है. चाचा पशुपति पारस (Pashupati Paras) और सांसदों की बगावत के बाद सियासी संकट (political crisis) में घिरे चिराग पासवान (Chirag Paswan) का एक और दर्द बाहर आया है. खुद को पीएम मोदी का 'हनुमान' बताने वाले चिराग पासवान ने कहा कि परिवार ने मेरी पीठ में छुरा घोंपा है तो बीजेपी (BJP) ने मंझधार में छोड़ दिया. लोकसभा सांसद चिराग पासवान (Lok Sabha MP Chirag Paswan) ने द हिंदू को दिए एक इंटरव्यू में चिराग ने कहा कि लगता है कि बीजेपी ने मेरा साथ छोड़ दिया है, क्योंकि बीजेपी के किसी भी नेता ने मुझसे कोई संपर्क नहीं किया है. जो बड़े दुख की बात है.
बीजेपी शीर्ष नेतृत्व को याद दिलाते हुए चिराग पासवान ने कहा कि बिहार में जब नीतीश कुमार ने उनका साथ छोड़ दिया था तब उनकी पार्टी एलजेपी मजबूती के साथ एनडीए के साथ खड़ी थी. उन्होंने कहा कि मेरे पिता ने पूरे दिल से बीजेपी और प्रधानमंत्री का समर्थन किया था. राम मंदिर, सीएए से लेकर अनुच्छेद 370 हटाने और तीन तलाक के मुद्दे पर हम सरकार के साथ थे जबकि जेडीयू इन सभी मुद्दों पर उनके साथ नही थी. चिराग ने कहा कि संकट की इस घड़ी में जब मुझे बीजेपी जरूरत थी और मुझे उम्मीद थी कि वे कम से कम मेरा साथ देंगे, लेकिन किसी ने कोई संपर्क नहीं किया. चिराग ने एलजेपी की टूट के पीछे जेडीयू को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि नीतीश कुमार हमेशा से ही दलित नेतृत्व को बांटने का काम किया है.