देश में राजद्रोह (Sedition Law) और दूसरे कई कानूनों के दुरुपयोग के आरोपों के बीच सुप्रीम कोर्ट के जज (Supreme Court judge) जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने बड़ी बात कही है . जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा है कि नागरिकों की असहमति या उत्पीड़न को दबाने के लिए आतंकवाद विरोधी कानून समेत किसी भी आपराधिक कानून (Criminal Law) का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए.
जस्टिस चंद्रचूड़ (Justice DY Chandrachud) ने अदालतों को भी नसीहत दी. उन्होंने कहा कि हमारी अदालतों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे नागरिकों को आजादी से वंचित करने के खिलाफ रक्षा की पहली पंक्ति बनी रहें. एक दिन के लिए भी स्वतंत्रता का नुकसान बहुत ज्यादा है. हमें फैसला देते वक्त बेहद सजग रहने की जरूरत है. जस्टिस चंद्रचूड़ ने ये बातें भारत-अमेरिका (Indo-US) के साझा सम्मेलन में कही. उन्होंने कहा कि अमेरिका स्वतंत्रता, बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बढ़वा देने में सबसे आगे है और भारत दुनिया का सबसे पुराना और बड़ा लोकतंत्र है.