छठ महापर्व सबसे कठिन व्रतों में से एक है और इसका महत्व भी बहुत अधिक है. ऐसे में मुजफ्फरपुर के शहीद खुदीराम बोस सेंट्रल जेल में बुधवार सुबह से ही ‘छठी मइया हो... गूंजने लगा. जेल प्रशासन की देखरेख में छठ पर्व के लिए व्रतियों ने नहाय-खाय भी किया. छठ व्रतियों के लिए जेल प्रशासन ने ही पूजन सामग्री की व्यवस्था की है। अर्घ्य देने के लिए जेल के अंदर पोखर की साफ सफाई की गई है. छठ पर्व करने के लिए महिला बंदियों को साड़ी व पुरूष बंदियों को धोती दिया गया है. इसके अलावा खरना व अर्घ्य देने के लिए फल, ठेकुआ, खाजा मिठाई की भी व्यवस्था की गई है. जेल अधीक्षक ने बताया कि 222 बंदी छठ व्रत कर रहे है. इसमें 166 पुरुष व 56 महिलाएं हैं. दो मुस्लिम बंदी भी हैं जो छठ कर रहे हैं.