Adani Group Clarification on Drugs Seizure: गुजरात के कच्छ में मुंद्रा पोर्ट पर जब्त हुए करीब 21 हजार करोड़ रुपए के अब तक के सबसे बड़े हेरोइन कन्साइनमेंट को लेकर बवाल मचा हुआ है. इस बंदरगाह को चलाने की जिम्मेदारी बिजनेसमैन गौतम अडानी की कंपनी के पास है, ऐसे में सोशल मीडिया पर लोग यहां हेरोइन की बड़ी खेप की बरामदगी को अडानी समूह से जोड़ रहे हैं और गौतम अडानी को ट्रोल किया जा रहा है.
अडानी ग्रुप ने एक बयान जारी कर अपनी सफाई दी है. ग्रुप की ओर से कहा गया है कि हमने इस मामले में कार्रवाई करने के लिए DRI और कस्टम विभाग का आभार जताया है और उन्हें बधाई दी है. ये भी कहा है कि कानून भारत सरकार के सीमा शुल्क और DRI के सक्षम अधिकारियों को गैरकानूनी कार्गो को खोलने, जांच करने और जब्त करने का अधिकार देता है. देशभर में कोई भी पोर्ट ऑपरेटर कंटेनर की जांच नहीं कर सकता है. हमारी भूमिका बंदरगाह चलाने तक सीमित है. हमें पूरी उम्मीद है कि ये बयान अडानी समूह के खिलाफ सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे दुर्भावनापूर्ण और झूठे प्रचार पर विराम लगा देगा.
दरअसल, मंगलवार को कांग्रेस ने 3 हजार किलो हेराइन की खेप को लेकर बीजेपी सरकार पर हमला बोला था और अडानी ग्रुप का भी नाम लिया था. कांग्रेस ने सवाल किया कि आखिर गुजरात क्यों ड्रग्स की स्मगलिंग का अड्डा बनता जा रहा है. कांग्रेस प्रवक्ता ने पूछा था कि आखिर क्या कारण है कि इतने गंभीर मसले पर भी गुजरात से आनेवाले देश के पीएम, गृहमंत्री और आला अधिकारी सब चुप हैं.
वहीं एजेंसिया इसे इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट के एक हिस्से की तरह देख रही हैं. ड्रग्स की इस खेप का कनेक्शन आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा से बताया जा रहा है, जिसे अफगानिस्तान से ईरान के रास्ते गुजरात में मंगाया गया. अब तक इस मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें 4 अफगान और 3 भारतीय नागरिक हैं.