हाथरस में जातीय दंगे की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार पत्रकार सिद्दीकी कप्पन को बड़ी राहत मिली है. शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने सिद्दीकी कप्पन के वकील कपिल सिब्बल को उनसे जेल में मिलकर वकालतनामा पर हस्ताक्षर कराने की अनुमति दे दी. केस की सुनवाई के दौरान CJI ने ये भी कहा कि कुछ मीडिया संस्थानों ने इस मामले की अनुचित रिपोर्टिंग की है. चीफ जस्टिस ने इस तरह ही रिपोटिंग पर चिंता भी जताई. दूसरी तरफ सुनवाई के दौरान यूपी सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दिया. जिसमें सरकार ने न सिर्फ कप्पन की रिहाई का विरोध किया बल्कि उनपर झूठी जानकारी देने का भी आरोप लगाया. हलफनामे में सरकार ने कहा कि कप्पन PFI के सचिव हैं लेकिन एक पत्रकार के तौर पर हाथरस जा रहे थे.