सरकार ने राज्यसभा ( Rajyasabh) में कहा है कि ऑक्सीजन (Oxygen Shortage) की कमी से देश में एक भी मौत नहीं हुई है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से ये लिखित बयान राज्यसभा में दिया. स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से कहा गया कि किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश ने ये नहीं बताया कि कोई भी मौत ऑक्सीजन की कमी की वजह से हुई है.दरअसल कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने राज्यसभा में ऑक्सीजन की कमी से होने वाली मौतों को लेकर सवाल किया था, इस पर स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जवाब देते हुए ये बयान दिया. इससे पहले राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार से पूछा था कि कोरोना मौतों को लेकर देश में इस तरह का रहस्यमयी माहौल क्यों है ?स्वास्थ्य मंत्रालय ने ये भी जानकारी दी कि पहली लहर के मुकाबले दूसरी लहर मे मेडिकल ऑक्सीजन की डिमांड काफी बढ़ गई थी. पहली लहर में जहां 3,095 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की डिमांड थी तो दूसरी लहर में यही डिमांड 9,000 मीट्रिक टन तक पहुंच गई.
केंद्र ने बताया कि 28 मई तक राज्यों को 10,250 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की सप्लाई की गई. सबसे ज्यादा 1200-1200 मीट्रिक टन ऑक्सीजन महाराष्ट्र और कर्नाटक को सप्लाई गई तो दिल्ली को 400 मीट्रिक टन ऑक्सीजन पहुंचाई गई. दरअसल स्वास्थ्य मंत्रालय के दावों के इतर देश ने कोविड की दूसरी लहर में रोजाना लोगों को ऑक्सीजन की कमी से तड़प कर मरते देखा है, ऑक्सीजन की कमी का राजधानी में ये हाल था कि यहां के अस्पताल रोज़ एसओएस अपील हाईकोर्ट में दाखिल किया करते थे आखिरकार सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद हालात में सुधार आया, लेकिन तब तक हजारों लोगों ने अपनों को खो दिया था.