डेनमार्क सरकार ने सीरिया से आए शरणार्थियों को वापस भेजना शुरू कर दिया है. सरकार का कहना है कि अब उनके लौटने के हालात सुरक्षित हैं. इसी के चलते डेनमार्क ने 92 शरणार्थियों सेरेजिडेंसी परमिट वापस ले लिया है. हालांकि इन लोगों को पहले डिपोर्टेशन कैंप भेजा जाएगा और उन्हें वापस जाने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा. सरकार के फैसले को लेकर जहां मानवाधिकार संगठन सरकार आलोचना कर कर रहे हैं वहीं जानकारों का कहना है कि ऐसा कर सरकार दक्षिणपंथी विपक्ष का मुकाबला करने की कोशिश कर रही है. बता दें कि इससे पहले संसद में एक बिल पेश किया गया है जिसमें मस्जिदों को विदेश से मिलने वाली फंडिंग रोकने की बात कही गई है साथ ही सरकार ने पिछले महीने कहा था की शरणार्थियों को पहलेही बता दिया था कि उनका परमिट अस्थाई है और वापस लिया जा सकता है.शरणार्थियों को भेजने का ऐलान करने वाला डेनमार्क पहला यूरोपीय देश है