गाजियाबाद के लोनी इलाके में मुस्लिम बुजुर्ग अब्दुल समद के साथ अभद्रता और मारपीट का मामला और बड़ा होते जा रहा है. एक तरफ यूपी पुलिस ने पूरी खबर को फेक न्यूज बताया है तो दूसरी तरफ ट्विटर इंडिया समेत कई हस्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. यूपी पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने जानबूझकर बिना किसी तथ्यों की जांच किए झूठी, भ्रमित करने वाली और गलत सूचना पोस्ट की है. इनका उद्देश्य दो धार्मिक संप्रदाय के लोगों के बीच शत्रुता, नफरत पैदा करना था. अब पहले जान लेते हैं पुलिस ने किन के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
*HEADER- बुजुर्ग की पिटाई में ये भी नपे*
मोहम्मद जुबैर -को फाउंडर ALT न्यूज
सबा नकवी- वरिष्ठ पत्रकार
राना अयूब -वरिष्ठ पत्रकार, गुजरात फाइल्स की लेखक
द वायर -न्यूज वेबसाइट
सलमान निजामी- कांग्रेस नेता
मसकूर उस्मानी- कांग्रेस नेता
समा मोहम्मद- कांग्रेस प्रवक्ता
इन सभी नामचीन लोगों के अलावा यूपी पुलिस ने ट्विटर इंडिया को भी इस मामले में लपेटे में लिया है. जानते हैं ट्विटर पर मामला दर्ज करने के पीछे पुलिस का तर्क क्या है.
*Header- ट्विटर पर पुलिस का एक्शन क्यों?*
पुलिस ने स्पष्टीकरण जारी किया था, ट्विटर ने ट्वीट्स को मैनिपुलेटेड नहीं कहा
ट्विटर ने विवादित ट्वीट्स की अनदेखी की, धार्मिक तनाव को बढ़ावा दिया
ट्विटर को आईटी एक्ट की धारा 79 के तहत मिली छूट खत्म हुई, मामला दर्ज
मुस्लिम बुजुर्ग अब्दुल समद की पिटाई के मामले में गाजियाबाद पुलिस का कहना है कि जिन शरारती तत्वों ने इस वारदात को अंजाम दिया वे पीड़ित के परिचित हैं. पीड़ित के बेचे ताबीजों ने जब काम नहीं किया तो विवाद बढ़ने पर इन लोगों ने पिटाई कर दी. इस मामले पर अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.