नए IT नियमों को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ट्विटर (Twitter ) को एक बार फिर फटकार लगाई है. कोर्ट ने ट्विटर के हलफनामे (affidavits) पर नाखुशी जाहिर करते हुए कंपनी को एक बेहतर एफिडेविट फाइल करने का आखिरी मौका दिया है. जिसमें मुख्य अनुपालन अधिकारी और शिकायत अधिकारी के रूप में नियुक्त व्यक्तियों का पूरा डिटेल हो. दरअसल, ट्विटर ने बताया था कि एक ही व्यक्ति को दो पदों पर अंतरिम तौर पर नियुक्त किया गया है, क्योंकि नियुक्त व्यक्ति कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि तीसरे पक्ष के कॉन्ट्रैक्ट पर आकस्मिक कार्यकर्ता हैं.
कोर्ट ने पूछा कि आपका आकस्मिक कार्यकर्ता कौन है और यह किस तरह काम करेगा. जिसपर कंपनी ने बताया कि आकस्मिक कार्यकर्ता भारतीय निवासी होगा, जो किसी भी शिकायत के लिए जिम्मेदार होगा, हम इसको लेकर एक हलफनामा दाखिल करेंगे.
वहीं केंद्र की ओर से कहा गया कि, “आईटी नियम बताते हैं कि एक वरिष्ठ कर्मचारी को नियुक्त किया जाना है, जो एक आकस्मिक कार्यकर्ता नहीं हो सकता है. पहले उन्होंने इसे अंतरिम कहा, अब वे आकस्मिक कहते हैं. यह नियमों का पूर्ण गैर-अनुपालन है.