Mumbai News: ‘बेटियां सदा के लिये हैं’ लेकिन बेटे तभी तक बेटे हैं जब तक उनकी शादी नहीं हो जाती. ये कहावत बॉम्बे हाई कोर्ट के जज ने एक केस की सुनवाई करते हुए सुनाई. पूरा मामला क्या था? हम बताते हैं.
दरअसल, बॉम्बे हाई कोर्ट ने आशीष दलाल नाम के एक शख्स को आदेश दिया है कि वो एक महीने के अंदर अपने बुजुर्ग माता-पिता का फ्लैट खाली कर दे.
आशीष पर आरोप है कि वो अपनी पत्नी के साथ मिलकर अपने बुजुर्ग माता-पिता को लगातार परेशान कर रहा था.
कोर्ट ने अपनी जांच में पाया कि फ्लैट का मालिकाना हक बुजुर्ग दंपत्ति के नाम है. इसलिए कोर्ट ने आशीष दलाल को फ्लैट खाली करने का निर्देश दिया. साथ ही इस बात पर दुख जताया कि इस उम्र में भी माता-पिता को अपने अधिकारों के लिए कोर्ट तक आना पड़ा.
ये भी पढ़ें| लव मैरिज पर High Court की मुहर, कहा -अलग धर्मों के बालिग जोड़े को है पार्टनर चुनने का हक