सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे (Army Chief MM Naravane) ने कहा है कि पिछले 3 महीनों से जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर भारतीय और पाकिस्तानी सेनाओं के बीच संघर्ष विराम से शांति और सुरक्षा के नजरिए को बढ़ावा मिला है, लेकिन संघर्ष विराम (Ceasefire) का मतलब ये नहीं है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई रुक गई है. पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में नरवणे ने कहा कि ये विश्वास करने का कोई कारण नहीं है कि पाकिस्तानी सेना की ओर से एलओसी पर आतंकी ढाचे को खत्म कर दिया गया है. इसके साथ ही नरवणे ने कहा कि इस साल जम्मू और कश्मीर में हिंसा के स्तर में भारी कमी देखी गई है.
नरवणे ने घाटी में हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी को चिंता का विषय बताते हुए कहा कि घटनाओं पर निगरानी करना जारी है और एक मजबूत घुसपैठ रोधी ग्रिड बनाया जा रहा है जिससे कि जम्मू कश्मीर के युवा अपराध, हिंसा और नशे में लिप्त ना हों. हालांकि संघर्ष विराम पर बात करते हुए नरवणे ने कहा कि फरवरी में सीजफायर समझौता लागू होने के बाद दोनों सेनाओं द्वारा सीमा पार से गोलीबारी की एक भी घटना नहीं हुई. आपको बता दें कि भारत और पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा पर और अन्य क्षेत्रों में संघर्ष विराम संबंधी सभी समझौतों का सख्ती से पालन करने को लेकर 25 फरवरी को सहमति जताई थी.