पश्चिम बंगाल के रण में बीजेपी और टीएमसी दोनों पूरा ज़ोर लगा रहे हैं. अब दोनों ने वोटरों को लुभाने के लिए अपने मैनिफेस्टों में चुनावी वादों की जैसे झड़ी लगा दी है.
टीएमसी ओबीसी आरक्षण (OBC RESERVATION) के तहत माहेष्य, तामुल, तिलि और शाहा को भी लाने का ऐलान कर चुकी है.तो भारतीय जनता पार्टी ने अपने मैनिफेस्टो में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने का वादा किया है.
ममता बनर्जी अपने मैनिफेस्टो (Manifesto) में ओबीसी, दलित और आदिवासी परिवार को साल के 12 हज़ार रुपये ट्रांसफर करनेका वादा कर रही है. वहीं बीजेपी ने दलित और पिछड़े वर्ग की छात्राओं को 3 से 5 हजार की आर्थिक मदद की घोषणा की है.
अब बात किसान की करते हैं. भारतीय जनता पार्टी ( Bhartiya Janata Party) किसानों को कुल मिलाकर 10 हजार रूपये सालाना देने का वादा कर रही है.इसमें केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाले 6 हजार रुपये के अलावा 4 हजार राज्य सरकार की ओर से
दिए जाने की बात है,तो वहीं टीएमसी छोटे किसानों को 10 हजार रुपये सालाना देने का वादा कर रही है.
बात एजुकेशन से जुड़े वादों की करें तो टीएमसी उच्च शिक्षा हासिल कर रहे छात्रों को 10 लाख रुपये की खर्च सीमा वाला क्रेडिट देगी, जिसके लिए सिर्फ 4 फीसदी ब्याज़ देना होगा.वहीं बीजेपी का कहना है कि बेटियों के लिए केजी से पीजी तक की पढ़ाई फ्री होगी. भाजपा ने सोनार बांग्ला फंड बनाने का ऐलान किया है, जो 11 हजार करोड़ का होगा, तो टीएमसी घर बनाने के लिए 25 लाख की मदद देगी और हर घर साफ पानी पहुंचाने का वादा भी कर रही है.ममता ने विधवा पेंशन 1000 रुपये देने का वादा किया है तो बीजेपी ने 3000 रुपये देने की बात कर रही है. बीजेपी 5 रुपये में खाने की थाली की शुरुआत करेगी, ममता सरकार पहले से ही ये योजना चला रही है