हाइलाइट्स

  • भारत में कोरोना से 47 लाख मौत
  • भारत सरकार ने 5 लाख का दिया आंकड़ा
  • WHO के आंकड़े दस गुना ज्यादा
  • चीन में कोरोना मृत्यु दर सबसे कम

लेटेस्ट खबर

Patna Bomb Blast: पटना सिविल कोर्ट में फटा बम, दारोगा घायल...मची भगदड़

Patna Bomb Blast: पटना सिविल कोर्ट में फटा बम, दारोगा घायल...मची भगदड़

एजबेस्टन के मैदान पर Jasprit Bumrah ने खत्म किया 35 साल लंबा इंतजार, बने भारत के 36वें टेस्ट कप्तान

एजबेस्टन के मैदान पर Jasprit Bumrah ने खत्म किया 35 साल लंबा इंतजार, बने भारत के 36वें टेस्ट कप्तान

National Doctor's Day: आयुष्मान खुराना का फिल्म Doctor G से लेटेस्ट लुक आउट, एक्टर ने Doctors को किया विश

National Doctor's Day: आयुष्मान खुराना का फिल्म Doctor G से लेटेस्ट लुक आउट, एक्टर ने Doctors को किया विश

Diesel पर 13 रुपए तो Petrol पर 6 रुपए एक्साइज ड्यूटी बढ़ी, Gold की कीमतों में भी लगेगी आग

Diesel पर 13 रुपए तो Petrol पर 6 रुपए एक्साइज ड्यूटी बढ़ी, Gold की कीमतों में भी लगेगी आग

BJP पर भड़कीं रेणुका चौधरी, बोलीं- क्या पार्टी में कोई मर्द नहीं, जो नूपुर को बनाया बलि का बकरा

BJP पर भड़कीं रेणुका चौधरी, बोलीं- क्या पार्टी में कोई मर्द नहीं, जो नूपुर को बनाया बलि का बकरा

Corona Death: भारत में कोरोना से 10 गुना ज्यादा मौतें... WHO-सरकार का डाटा अलग क्यों?

Corona Death: भारत में दूसरी लहर के दौरान डेल्टा वेरिएंट के कारण सबसे अधिक मौतें हुई थी. इस दौरान कोरोना से होने वाली मौत को लेकर कई सवाल उठते रहे.

Corona Death: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोना से मरने वालों के आंकड़े जारी किए हैं. जिसके मुताबिक भारत में 47 लाख लोगों (47 lakh Death in India) की मौत हुई है. जबकि भारत सरकार के आंकड़ों के मुताबिक देश में कोविड (Covid-19) से मरने वालों का आधिकारिक आंकड़ा 5.2 लाख के करीब है. यह आंकड़ा WHO द्वारा जारी किए गए आंकड़े से दस गुना कम हैं.

आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत में मृतकों की संख्या को लेकर WHO ने जो डाटा दिया है, वह संख्या दुनियाभर में हुई मौतों की एक तिहाई है.

WHO ने इस आकलन के लिए अलग तरीके का इस्तेमाल किया है. उन्होंने देखा कि महामारी से पहले क्षेत्र में मृत्यु दर क्या थी और बाद में क्या थी. यानी क्षेत्र में सामान्य दिनों में कितने व्यक्तियों की मौत होती थी. वहीं महामारी के बाद क्षेत्र में कितनी लोगों की मौत हुई.

चीन में सबसे कम मौतें

WHO के आंकड़ों के मुताबिक भारत के अलावा रूस, इंडोनेशिया, अमेरिका, ब्राजील, मैक्सिको और पेरू जैसे देश में सबसे अधिक मौत हुई है. रूस में दर्ज मौतों से साढ़े तीन गुना ज्यादा मौत बताई गई है.

वहीं चीन में सबसे कम मृत्यु दर बताया गया है. यह सच है कि आबादी के मामले में चीन भले ही नंबर वन पर है लेकिन वे अभी भी देश में 'जीरो कोविड' नीति का पालन कर रहे हैं.

हालांकि भारत सरकार ने उनके दावे पर सवाल खड़े किए हैं. उनका कहना है कि आंकड़े निकालने की प्रक्रिया, कार्यप्रणाली और परिणाम को लेकर हमने आपत्ति की थी, इसके बावजूद WHO ने अतिरिक्त मृत्यु दर का अनुमान जारी किया है.

और पढ़ें- Narendra Modi Europe visit: विदेश दौरे पर थे पीएम मोदी, शॉल पर क्यों मच गया शोर?

दूसरी लहर के दौरान सबसे अधिक मौतें

बता दें भारत में दूसरी लहर के दौरान डेल्टा वेरिएंट के कारण सबसे अधिक मौतें हुई थी. इस दौरान कोरोना से होने वाली मौत को लेकर कई सवाल उठते रहे.
मसलन, क्या सिर्फ अस्पताल में मरने वाले मरीजों को ही कोरोना संक्रमित माना गया? घर में जिन मरीजों की मौत हुई, कई बार उनका टेस्ट तक नहीं करवाया जा सका. कई मामले ऐसे भी देखे गए जब मृतक की लाश जलाने के बाद उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई.

इतना ही नहीं रजिस्टर में दर्ज मौत की संख्या, शमशान-कब्रगाह में मृतकों के अंतिम संस्कार के लगी लंबी लाइन से काफी कम थी. उस दौरान कई अखबारों ने इस मामले में रोजाना रिपोर्टिंग भी की थी और बताया था कि असल संख्या दर्ज संख्या से कई गुना ज्यादा है.

कई राज्यों में मौत के आंकड़ों में गड़बड़ी

बिहार, कर्नाटक जैसे कई राज्य ऐसे भी रहे जहां पर कोरोना से मरने वालों का डाटा कई दिनों के बाद अपडेट किए गए. जिससे सवाल भी उठे कि डाटा आने में देरी क्यों हुई?

प्रयागराज में गंगा किनारे जिस तरह लाशें दफ्न की गई थी, उसको लेकर भी सवाल उठे कि ये कौन लोग हैं, क्या इनके आंकड़े सरकारी दस्तावेजों में दर्ज हैं. हालांकि तब इसे प्रथा का नाम देकर बताया गया कि गरीब लोग जो अंतिम संस्कार नहीं कर पाते हैं, वह इसी तरह लाश को दफना देते हैं. सवाल उठता है कि तब इतनी लाशें, लेकिन इन दिनों लाशों को कोई नामो-निशान नहीं. तो क्या अब प्रथा खत्म हो गई?

सरकार के डाटा पर पहले भी उठे सवाल

कुल मिलाकर देखें तो सरकारी आंकड़ों को लेकर पहले भी कई खामियां बताई गई थी. इसके बावजूद मौत को लेकर सभी राज्य सरकारें सही डाटा देने में विफल रही हैं. केंद्र सरकार के आंकड़ों को लेकर भी मीडिया सवाल उठाती रही है.

कोरोना से होने वाली मौत की सही जानकारी लेने के लिए सर्वे एजेंसी CVoter ने 1.40 लाख लोगों को कॉल किया और उनसे कुछ सवाल पूछे.

CVoter के सवाल

क्या उनके घर में मौत हुई?
मौत कब हुई है?
कोविड ने ली जान
मौत की वजह दूसरी तो नहीं?

इन सभी सवालों के जवाबों को एक साथ मिलाकर पड़ताल की गई. जो जानकारी मिली वह चौंकाने वाले थे.

सर्वे रिजल्ट

जून 2020- जुलाई 2021 के बीच हुई कुल मौत 32 लाख
इसमें 29% मौतें सिर्फ कोरोना की वजह से हुई थी
27 लाख की मौतें, सिर्फ अप्रैल 2021 से जुलाई 2021 के बीच
कोरोना महामारी आने के बाद मौत का प्रतिशत 27% बढ़ा
जानकार मानते हैं कि मौत के बढ़े हुए आंकड़े कोरोना की देन
सिविल रजिस्ट्रेशन डाटा में भी 26% ज्यादा डेथ सर्टिफिकेट दर्ज
सितंबर 2021 तक सरकारी आंकड़ों से 6-7 गुना ज्यादा मौतें

WHO से पहले न्यूयॉर्क टाइम्स ने भारत में 42 लाख मौत की आशंका जताई थी. द न्यूयॉर्क टाइम्स ने जून 2021 में एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर मौत के सही आंकड़ों का अनुमान लगाने के लिए महामारी को तीन स्थितियों में बांटा- सामान्य, खराब और बेहद खराब. सबसे खराब स्थिति में भारत में 70 करोड़ लोगों के संक्रमित होने और 42 लाख लोगों की मौत का अनुमान लगाया गया था.

और पढ़ें- 48 घंटे, 300 सीसीटीवी फुटेज, एक मेट्रो कार्ड... Delhi Police ने कैसे सुलझाई बिल्डर की हत्या की गुत्थी?

गौरतलब है कि पिछले महीने ही गुजरात के जामनगर में डब्ल्यूएचओ-ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन का उद्घाटन किया गया है. इस मौके पर पीएम मोदी के साथ WHO के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस भी मौजूद थे. तो ऐसा भी नहीं कहा जा सकता कि भारत को लेकर WHO का रवैया ठीक नहीं है और चीन उनका ज्यादा करीबी है. ऐसे में सवाल एक बार फिर से भारत सरकार के सरकारी आंकड़ों को लेकर ही उठते हैं....

अप नेक्स्ट

Corona Death: भारत में कोरोना से 10 गुना ज्यादा मौतें... WHO-सरकार का डाटा अलग क्यों?

Corona Death: भारत में कोरोना से 10 गुना ज्यादा मौतें... WHO-सरकार का डाटा अलग क्यों?

Today's History: जिन अमेरिकी पैंटन टैंक पर इतरा रहा था पाक, Abdul Hamid ने उन्हें मिट्टी में मिला दिया था

Today's History: जिन अमेरिकी पैंटन टैंक पर इतरा रहा था पाक, Abdul Hamid ने उन्हें मिट्टी में मिला दिया था

Udaipur Murder: कन्हैयालाल की हत्या का जिम्मेदार कौन? रियाज-गौस को एक महीने में मिलेगी सजा!

Udaipur Murder: कन्हैयालाल की हत्या का जिम्मेदार कौन? रियाज-गौस को एक महीने में मिलेगी सजा!

Emergency Number History: दुनिया ने आज ही देखा था पहला इमर्जेंसी नंबर-999, जानें कैसे हुई थी शुरुआत

Emergency Number History: दुनिया ने आज ही देखा था पहला इमर्जेंसी नंबर-999, जानें कैसे हुई थी शुरुआत

Apple iPhone 1: आज ही बाजार में आया था पहला आईफोन, मच गया था तहलका!

Apple iPhone 1: आज ही बाजार में आया था पहला आईफोन, मच गया था तहलका!

Field Marshal General Sam Manekshaw: 9 गोलियां खाकर सर्जन से कहा- गधे ने दुलत्ती मार दी, ऐसे थे मानेकशॉ

Field Marshal General Sam Manekshaw: 9 गोलियां खाकर सर्जन से कहा- गधे ने दुलत्ती मार दी, ऐसे थे मानेकशॉ

और वीडियो

Black Hole Tragedy: 20 June, Today History- कलकत्ता की इस घटना ने भारत में खोल दिए अंग्रेजी राज के दरवाजे

Black Hole Tragedy: 20 June, Today History- कलकत्ता की इस घटना ने भारत में खोल दिए अंग्रेजी राज के दरवाजे

5 June in History: क्या आप जानते हैं- औरंगजेब ने दिल्ली से लेकर गुवाहाटी तक मंदिर भी बनवाए थे

5 June in History: क्या आप जानते हैं- औरंगजेब ने दिल्ली से लेकर गुवाहाटी तक मंदिर भी बनवाए थे

Loudspeaker Row: BJP पर गरम रहने वाले Raj Thackeray, उद्धव सरकार पर सख्त क्यों?

Loudspeaker Row: BJP पर गरम रहने वाले Raj Thackeray, उद्धव सरकार पर सख्त क्यों?

Russia-Ukraine War: ‘वैक्यूम बम’ यानी फॉदर ऑफ ऑल बम ? जानिए सबकुछ

Russia-Ukraine War: ‘वैक्यूम बम’ यानी फॉदर ऑफ ऑल बम ? जानिए सबकुछ

UP Elections 2022: अंदर से कैसा दिखता है योगी आदित्यनाथ का मठ, देखें Exclusive Video

UP Elections 2022: अंदर से कैसा दिखता है योगी आदित्यनाथ का मठ, देखें Exclusive Video

UP Elections : यूपी चुनाव में क्या प्रियंका पलटेंगी बाजी?

UP Elections : यूपी चुनाव में क्या प्रियंका पलटेंगी बाजी?

UP Elections 2022: क्या जाति फैक्टर बिगाड़ेगा BJP का खेल?

UP Elections 2022: क्या जाति फैक्टर बिगाड़ेगा BJP का खेल?

छात्र आंदोलन में FIR झेलने वाले Khan Sir को कितना जानते हैं आप?

छात्र आंदोलन में FIR झेलने वाले Khan Sir को कितना जानते हैं आप?

सोतीगंज: उत्तर प्रदेश का 'बदनाम बाज़ार' जिसपर योगी ने जड़ा ताला!

सोतीगंज: उत्तर प्रदेश का 'बदनाम बाज़ार' जिसपर योगी ने जड़ा ताला!

UP Elections 2022: राज्य में क्या है मुस्लिम वोटों का सच?

UP Elections 2022: राज्य में क्या है मुस्लिम वोटों का सच?

Editorji Technologies Pvt. Ltd. © 2022 All Rights Reserved.