देश पहले से ही कोरोना वायरस (Coronavirus) और फंगल इंफेक्शन जैसी बीमारी से लड़ रहा है. हर दिन इनके काफी केस सामने आ रहे हैं, और ये बीमारियां कई लोगों की जान भी ले रही है. लेकिन इन सबके बीच बच्चों को लेकर डॉक्टर्स और आम लोगों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि कोरोना से ठीक हुए बच्चों में मल्टी सिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम यानी MIS-C अब चिंता का कारण बन गया है.
डॉक्टर्स का कहना है कि ये कोरोना से संक्रमण होने के चार से छह हफ्ते के बाद बच्चे के शरीर में आना शुरू होता है.
सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन की एक रिपोर्ट के अनुसार मल्टी सिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम (एमआईएससी) एक ऐसी कंडीशन है जिसमें बच्चों के बॉडी ऑर्गन्स जैसे ब्रेन,आईज, हार्ट, लंग्स, किडनी,और गैस्ट्रो इंटेस्टाइनल ऑर्गन्स में इन्फ्लेमेशन होने लगता है. जिसकी वजह से कई बार ये बॉडी ऑर्गन्स काम करना बंद कर देते हैं और बच्चों की जान भी जा सकती है.
मल्टी सिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम यानी MIS-C होने का खतरा उन बच्चों में होता है, जो कोरोना इंफेक्शन से रिकवर कर चुके होते हैं और इसके सिम्पटम्स भी बच्चों में कई हफ़्तों के बाद देखने को मिलते हैं.
बुखार
पेट में दर्द
उल्टी
दस्त
गर्दन में दर्द
रैशेज
थकान
लाल आंखें
बच्चों में इस तरह के कोई भी लक्षण नज़र आने पर तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें. हो सकता है डॉक्टर्स आपको कुछ टेस्ट्स जैसे ब्लड टेस्ट, चेस्ट एक्स रे, हार्ट और एब्डोमिनल अल्ट्रा साउंड करने की सलाह हैं. अपने डॉक्टर के दिशा निर्देशों का पालन करें.
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