सारा विश्व इस वक़्त कोरोना महामारी के भयानक दौर से गुजर रहा है और इस दौरान डॉक्टर्स ने लुपस बीमारी से जूझ रहे लोगों को अपने स्वास्थ्य को लेकर ज़्यादा सावधान रहने की सलाह दी है, क्यूंकि उनमें इंफेक्शन का खतरा दूसरे लोगों की तुलना में कहीं गुना ज़्यादा है. लुपस कुछ रेयर बीमारियों में से एक है, ये एक ऑटो इम्यून बीमारी है जिसमें आपका इम्यून सिस्टम ही आपके बॉडी ऑर्गन्स और टिशूज पर अटैक करने लगता है.
अमेरिका की Lupus फ़ाउंडेशन का एक आंकड़ा ये बताता है कि पूरी दुनिया में क़रीब 50 लाख लोग Lupus के किसी न किसी टाइप से ग्रसित हैं. अकेले अमेरिका में क़रीब 15 लाख लोग इस बीमारी का शिकार हैं. इसे Systemic lupus erythematosus भी कहा जाता है. इस बीमारी में बुखार के अलावा जो सिम्पटम्स सबसे ज़्यादा देखने को मिलते हैं वो हैं सूजन, मुंह में बार बार छाले होना और त्वचा पर लाल निशान होना. इसके अलावा ये बीमारी आपके जॉइंट्स, किडनी, हार्ट और लंग्स को भी नुकसान पहुंचा सकती है. ये आपके जिस बॉडी ऑर्गन को इफ़ेक्ट करती है उस से जुड़ी परेशानियां आपको होने लगती हैं और अपने इसी नेचर की वजह से इसे “disease of 1,000 faces” भी कहा जाता है.
American College of Rheumatology (ACR) के चेयरपर्सन Jeffrey R. Curtis का कहना है कि लुपस और इम्यून सप्रेसिंग मेडिसन्स व्यक्ति में कोविड इंफेक्शन का खतरा और कॉम्प्लीकेशंस को और ज़्यादा बढ़ा सकती हैं. कमज़ोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों को कोविड 19 के सिम्पटम्स जैसे बुखार, सांस लेने में कठिनाई, सूखी खांसी, थकान और सीने में असहजता महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
सेंटर फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, कोरोना के इस वक़्त में लुपस पेशेंट्स को घर पर ही रहना चाहिए और अगर ज़रूरी ना हो तो ट्रेवल करने से बचना चाहिए. CDC ने उन्हें ज़्यादा से ज़्यादा आराम करने, हाइड्रेटेड रहने और भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने की सलाह दी है. रेगुलर एक्सरसाइज, फिज़ियोथेरपी, योग, मेडिटेशन और प्राणायाम से भी आप कुछ को इस दौरान स्वस्थ रख सकते हैं.