पासवान परिवार (Paswan Family) में शुरू हुई राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई अब लगभग अपने अंतिम दौर में है और मिले संकेतों से साफ नजर आ रहा है कि लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) में चिराग पासवान (Chirag Paswan) अकेले पड़ गए हैं. हालात ये हैं कि अपने चाचा को मनाने उनके घर पहुंचे चिराग पासवान के लिए घर के दरवाजे तक नहीं खुले और उन्हें 20 मिनट तक गाड़ी में इंतजार करना पड़ा. इसके बाद भी चाचा पशुपति पारस से मुलाकात नहीं हो सकी. चिराग ने एक घंटे तक उनका इंतजार किया लेकिन वो नहीं मिले.
आपको बता दें कि रामविलास पासवान की बनाई LJP के अभी चिराग और पशुपति समेत छह सांसद हैं. इनमें से चिराग को छोड़ बाकी पांच ने अपना एक अलग गुट बना लिया है और पशुपति पारस को अपना नया नेता चुना है. इस बाबत संसदीय सचिवालय को भी सूचित कर दिया गया है और सचिवालय कानूनी पहलुओं का अध्यन कर इस कदम पर अपना फैसला लेगा.