देश की सबसे बड़ी अदालत में कॉलेजियम की मीटिंग (Collegium Meeting) को लेकर विवाद हो गया है. गुरुवार को प्रस्तावित मीटिंग से पहले सीनियर जजों ने इसे लेकर आपत्ति जताई है. ऐसा माना जा रहा है कि इस बैठक में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के जज के लिए किसी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के नाम की सिफारिश की जा सकती है.
आजतक की एक रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के 2 जज इस बैठक के सख्त खिलाफ हैं. इस मामले में त्रिपुरा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अकील कुरैशी और कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बीवी नागरत्ना को सुप्रीम कोर्ट लाने का एजेंडा है. जहां कुरैशी देश के सभी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिसों में सबसे वरिष्ठ हैं तो वहीं नागरत्ना अगर सर्वोच्च न्यायालय आती हैं तो सीनियर होने के नाते आगे चलकर देश की पहली महिला सीजेआई भी बन सकती हैं. हालांकि सुप्रीम कोर्ट के कई रिटायर्ड चीफ जस्टिस का मानना है कि पुरानी परंपरा का ही पालन होना चाहिए और राष्ट्रपति द्वारा नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ऐसी बैठक नहीं बुलानी चाहिए थी.