एक तरफ योगी सरकार (Yogi Sarkar) प्रदेश में कोरोना से निपटने के लिए चाक-चौबंद व्यवस्था होने का दावा कर रही है वहीं उनके ही मंत्री ने सरकारी इंतजामों पर सवाल उठा दिए हैं. योगी के मंत्री ब्रजेश पाठक ((Brajesh Pathak)) ने इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव को चिट्ठी लिखी है.
चिट्ठी में उन्होंने लिखा है लोगों को कोरोना जांच करवाने के बाद रिपोर्ट के लिए 4 से 7 दिनों का इंतजार करना पड़ रहा है और एंबुलेंस को फोन करने पर भी वो 5 से 6 घंटे देरी से आ रहे हैं.
उन्होंने कहा है कि लखनऊ (Lucknow) में फिलहाल 17 हजार कोरोना टेस्ट किट की जरूरत है लेकिन 10 हजार ही मिल रहे हैं. पाठक ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि लोग मदद के लिए फोन कर रहे हैं लेकिन सुविधाएं न होने पर कोई मदद नहीं हो पा रही और स्वास्थ्य विभाग में कोई फोन भी नहीं उठा रहा. इसके साथ मंत्री जी ने ये भी आशंका जताई है कि प्रदेश में लॉकडाउन (Lockdown) लगाने की स्थिति आ सकती है.