कोरोना के कारण भारत में सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था के बीच बेरोजगारी दर भी तेजी से बढ़ी है. चाहे गांव हो या शहर हर जगह लोगों पर बेरोजगारी की मार पड़ी है. भारतीय अर्थव्यवस्था निगरानी केंद्र (CMIE) की रिपोर्ट में इसे लेकर जारी हुए आंकड़े डराने वाले हैं. हालांकि महीना दर महीना आंकड़ों की तुलना करें तो बेरोजगारी दर में थोड़ी कमी आई है. लेकिन, कोरोना की तीसरी लहर की आशंका डर पैदा कर रही है, खतरा ये है कि अगर थर्ड वेव तेज रहा तो बेरोजगारी और भयावह हो जाएगी. सोमवार को जारी CMIE की रिपोर्ट में बेरोजगारी दर के आंकड़ें क्या हैं, आइए आपको बताते हैं.
कोरोना के बीच बेरोजगारी की मार
- 18 जुलाई तक भारत में बेरोजगारी दर थी 5.98 फीसदी
- 25 जुलाई तक ये बढ़कर 7.14 फीसदी पहुंच गई
- शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बेरोजगारी दर में हुआ इजाफा
- शहरी बेरोजगारी दर का आंकड़ा 8.01 पहुंच गया
- ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 6.75 पर पहुंची
- विशेषज्ञों का दावा कोरोना को काबू करने के लिए लगाए गए प्रतिबंधों से बढ़ी बेरोजगारी
- तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए हालात चिंताजनक
- सोमवार को ही व्यापार के फैलाव से जुड़ा आंकड़ा भी जारी हुआ
- NIBRI के मुताबिक, व्यापारिक गतिविधियों में भी आई कमी
- महामारी से पहले की तुलना में इनमें 4.7 फीसदी की कमी आई